मुंबई: जब असम की कीचड़ से सनी सड़कों पर बिस्तर उठाकर चले मुंबई के ये सोशल वर्कर, बाढ़ पीड़ितों ने पैर छूकर लगाया गले
Mumbai: When this Mumbai social worker walked on the muddy streets of Assam carrying a bed, flood victims touched his feet and hugged him.
असम के कई इलाके इन दिनों भयानक बाढ़ के प्रकोप से जूझ रहे हैं. चारों तरफ सिर्फ पानी-पानी और कीचड़ लोगों की मुसीबतें बढ़ा रही है. हजारों परिवार अपने घरों से बेघर हो चुके हैं. ऐसे समय में जब लोगों के पास सोने तक की सही जगह नहीं बची थी, मुंबई के सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और सोशल वर्कर हुसैन मंसूरी अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे. उन्होंने रिलीफ कैंप और वाटर लॉगिंग वाले गांवों का रुख किया, ताकि जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाई जा सके.
मुंबई: असम के कई इलाके इन दिनों भयानक बाढ़ के प्रकोप से जूझ रहे हैं. चारों तरफ सिर्फ पानी-पानी और कीचड़ लोगों की मुसीबतें बढ़ा रही है. हजारों परिवार अपने घरों से बेघर हो चुके हैं. ऐसे समय में जब लोगों के पास सोने तक की सही जगह नहीं बची थी, मुंबई के सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और सोशल वर्कर हुसैन मंसूरी अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे. उन्होंने रिलीफ कैंप और वाटर लॉगिंग वाले गांवों का रुख किया, ताकि जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाई जा सके. घुटनों तक भरे कीचड़ और फिसलन की परवाह किए बिना ये टीम पीड़ित परिवारों तक सोने के लिए बिस्तर और गद्दे पहुंचा रही है.
कीचड़ और पानी के बीच जब मदद की उम्मीद भी टूटने लगी
हाल ही में सोशल मीडिया पर सामने आए इस वीडियो में हुसैन और उनकी साथी टीम भारी लकड़ी के बेड उठाकर कीचड़ भरे रास्तों से गुजरते दिख रहे हैं. वीडियो में देखा जा सकता है कि, रास्ता इतना फिसलन भरा था कि एक पल को हुसैन का बैलेंस बिगड़ा और वो गिरने ही वाले थे, लेकिन उन्होंने खुद को संभाला और अपना कदम पीछे नहीं खींचा. गांव-गांव जाकर टीम ने न सिर्फ पलंग लगाए, बल्कि उन पर साफ मैट और गद्दे भी बिछाकर दिए. ताकि लोगों को जमीन पर न सोना पड़े. जब बेघर हो चुके लोगों को सूखा बिस्तर मिला, तो कई बुजुर्गों और महिलाओं के सब्र का बांध टूट गया. राहत भरी मदद मिलने की खुशी में कुछ लोगों ने हुसैन को गले से लगा लिया, तो इमोशनल होते हुए कई लोगों ने उनके पैर छूकर दुआएं दीं.
हुसैन ने ये वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट 'iamhussainmansuri' पर शेयर किया है, जो जमकर वायरल हो रहा है. इस वीडियो को देखने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स भी इमोशनल हो रहे हैं. असम में बाढ़ की स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है. इस तबाही में कई लोग अपनी गंवा चुके हैं. असम के शिवसागर, चराईदेव और जोरहाट में स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है. राज्य सरकार भी एक्शन मोड में है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रभावित परिवारों को 75 हजार रुपये की अंतरिम सहायता देनी शुरू कर दी है. फिलहाल प्रशासन 54 रिलीफ कैंपों के जरिए 13,700 से ज्यादा लोगों को खाना और आश्रय मुहैया करा रहा है.


