मुंबई : ड्रग्स के साथ पकड़े यात्री को छोड़ने का आरोप... मुंबई जीआरपी के दो कॉन्स्टेबल सस्पेंड
Mumbai: Two Mumbai GRP constables suspended over allegations of letting a passenger caught with drugs go free.
जीआरपी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई पुलिसकर्मी अपने पद का गलत इस्तेमाल करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। निलंबन के बाद आगे की प्रक्रिया फिलहाल दोनों कॉन्स्टेबल निलंबित हैं और मामले की विभागीय जांच जारी है। जांच में यदि आरोप साबित होते हैं तो उनके खिलाफ आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। रेलवे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। इस तरह के मामलों में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुंबई: मुंबई में गवर्नमेंट रेलवे पुलिस के दो कॉन्स्टेबलों पर गंभीर आरोप लगने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने ड्रग्स के साथ पकड़े गए एक यात्री को कार्रवाई से बचाने के बदले उससे 2.40 लाख रुपये लिए और उसे छोड़ दिया। 8 सितंबर की रात का मामला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना 8 सितंबर की रात की बताई जा रही है। आरोप है कि दोनों कॉन्स्टेबलों ने एक यात्री को पकड़ा था, जिसके सामान में कथित तौर पर ड्रग्स मौजूद थे। नियमों के अनुसार, ऐसे मामले में आरोपी को थाने ले जाकर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए थी। लेकिन आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मी यात्री को बोरीवली जीआरपी स्टेशन ले जाने के बजाय प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर बने एक लाइब्रेरी रूम में ले गए।
लाइब्रेरी रूम में ले जाने का आरोप अधिकारियों के मुताबिक, जिस लाइब्रेरी रूम में यात्री को ले जाया गया, वहां लगा सीसीटीवी कैमरा उस समय काम नहीं कर रहा था। जांच में यह बात सामने आई कि यह कैमरा सरकारी व्यवस्था का हिस्सा नहीं था, बल्कि जीआरपी कर्मियों की ओर से निजी तौर पर लगाया गया था। आरोप है कि इसी कमरे में दोनों पुलिसकर्मियों ने यात्री से कथित तौर पर 2.40 लाख रुपये लिए और इसके बाद उसे जाने दिया।
मामला सामने आने के बाद जीआरपी अधिकारियों ने इसकी जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिसकर्मियों के आचरण को लेकर सवाल उठे। इसके बाद दोनों कॉन्स्टेबलों को निलंबित कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस विभाग में किसी भी तरह की अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरोपी यात्री और ड्रग्स मामले की जांच जारी पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जिस यात्री को पकड़ा गया था, उसके पास किस प्रकार का मादक पदार्थ था और वह कहां से आया था।
इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल जांच एजेंसियां अब उपलब्ध साक्ष्यों को जुटा रही हैं। लाइब्रेरी रूम, रेलवे स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्रों में लगे कैमरों की जानकारी भी खंगाली जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद रेलवे पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं। यात्रियों की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण की जिम्मेदारी संभालने वाली पुलिस में इस तरह के आरोप विभाग के लिए चिंता का विषय माने जा रहे हैं। जीआरपी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई पुलिसकर्मी अपने पद का गलत इस्तेमाल करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। निलंबन के बाद आगे की प्रक्रिया फिलहाल दोनों कॉन्स्टेबल निलंबित हैं और मामले की विभागीय जांच जारी है। जांच में यदि आरोप साबित होते हैं तो उनके खिलाफ आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। रेलवे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। इस तरह के मामलों में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


