मुंबई: छात्रों को लंच बॉक्स में नॉन-वेज, आलू, लहसुन नहीं लाने का आदेश, स्कूल मालिक BJP विधायक
Mumbai: School owner tells students not to bring non-veg, potatoes, garlic in lunch boxes, says BJP MLA
महाराष्ट्र में इस हफ्ते प्याज, लहसुन, आलू और चुकंदर अचानक राजनीतिक और सोशल मीडिया विवाद के केंद्र में आ गए. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक नरेंद्र मेहता द्वारा चलाए जा रहे एक स्कूल ने जैन धर्म के पर्व पर्युषण के दौरान अभिभावकों से अपने बच्चों के लंच बॉक्स में नॉन-वेज खाना और कंद-मूल वाली सब्जियां न देने को कहा था.
मुंबई: महाराष्ट्र में इस हफ्ते प्याज, लहसुन, आलू और चुकंदर अचानक राजनीतिक और सोशल मीडिया विवाद के केंद्र में आ गए. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक नरेंद्र मेहता द्वारा चलाए जा रहे एक स्कूल ने जैन धर्म के पर्व पर्युषण के दौरान अभिभावकों से अपने बच्चों के लंच बॉक्स में नॉन-वेज खाना और कंद-मूल वाली सब्जियां न देने को कहा था.
मीरा रोड के Seven Square Academy ने अपने व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज भेजकर पैरेंट्स से आठ दिन चलने वाले धार्मिक पर्व के दौरान कंद-मूल, यानी ज़मीन के अंदर उगने वाली सब्जियां, लंच बॉक्स में न देने को कहा. स्कूल ने यह भी कहा कि उसकी कैंटीन में प्याज, लहसुन और आलू के बिना खाना बनाया जाएगा. लेकिन मैनेजमेंट ने इसे एक अनुरोध बताया था, इसके बावजूद जल्द ही इस बात को लेकर विरोध शुरू हो गया कि क्या किसी एक धर्म के आधार पर कोई स्कूल खाने-पीने से जुड़ी पसंद तय कर सकता है.
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को स्कूल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. कुछ कार्यकर्ताओं ने प्याज और लहसुन की मालाएं पहन रखी थीं. पीटीआई के हवाले से महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के पदाधिकारियों ने बताया कि इसके बाद सर्कुलर स्कूल के आधिकारिक पोर्टल से हटा लिया गया.
मेहता, जो मीरा-भायंदर के विधायक हैं और स्कूल चलाते हैं, उन्होंने कहा कि छात्रों को इस अनुरोध को मानने के लिए मजबूर नहीं किया गया था. उन्होंने राजनीतिक दलों से पर्व को राजनीति का मुद्दा न बनाने की अपील की. उन्होंने पीटीआई से कहा, “पर्युषण ‘अहिंसा’ (हिंसा न करना) और सभी जीवित प्राणियों के प्रति दया पर आधारित एक पवित्र पर्व है.
स्कूल की ओर से भेजा गया संदेश सिर्फ पैरेंट्स से किया गया एक अनुरोध था, कोई ज़रूरी आदेश या दबाव नहीं था. हमने सिर्फ स्टूडेंट्स और पैरेंट्स से इन आठ दिनों के दौरान गैर-जरूरी या अस्वस्थ चीजें लंच बॉक्स में न रखने को कहा था, ताकि खाने की स्वस्थ आदतों को बढ़ावा दिया जा सके.”


