भोपाल से कोटा 5 घंटे में, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा बुंदेलखंड, सागर, जयपुर-उदयपुर तक सीधी कनेक्टिविटी
Bhopal to Kota in 5 hours, Delhi-Mumbai Expressway will connect Bundelkhand, Sagar, Jaipur-Udaipur with direct connectivity
कोटा जाने में अभी 8 से 9 घंटे का समय लगता है, लेकिन जल्द ही यह दूरी महज 4 से 5 घंटे में पूरी कर ली जाएगी. क्योंकि सागर कोटा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे दोनों शहरों की दूरी को कम कर देगा. यह हाईवे एमपी भोपाल और सागर को राजस्थान के कोटा, जयपुर और उदयपुर से सीधा कनेक्टिविटी देने वाला है.
भोपाल : कोटा जाने में अभी 8 से 9 घंटे का समय लगता है, लेकिन जल्द ही यह दूरी महज 4 से 5 घंटे में पूरी कर ली जाएगी. क्योंकि सागर कोटा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे दोनों शहरों की दूरी को कम कर देगा. यह हाईवे एमपी भोपाल और सागर को राजस्थान के कोटा, जयपुर और उदयपुर से सीधा कनेक्टिविटी देने वाला है. 16000 हजार करोड़ की लागत से तैयार होने वाले इस प्रोजेक्ट का पूरा नाम कोटा-विदिशा-सागर एक्सप्रेसवे है. यह नया 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल एक्सप्रेसवे होगा, जिसकी खासियत यह है कि यह तीन बड़े कॉरिडोर से सीधा कनेक्ट होगा. जिससे मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के बीच भी दूरियां अब और कम होने वाली हैं. यह कॉरिडोर मध्य भारत में कनेक्टिविटी और यात्रा को पूरी तरह से बदलने वाला है.
भोपाल से कोटा का सफर 5 घंटे में होगा
सागर कोटा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के बनने से भोपाल और कोटा की दूरी में बड़ा बदलाव आएगा. अभी दोनों शहरों के बीच आने जाने के लिए नेशनल हाईवे-52 का इस्तेमाल होता है. दोनों शहरों के बीच की कुल दूरी 345 किलोमीटर होती है, जिसे तय करने में 8 से 9 घंटे तक समय लग जाता है. लेकिन नया ग्रीनफील्ड कॉरिडोर पूरी तरह से एक नए अलाइनमेंट रूट तैयार कर रहा है. जहां आप पहले भोपाल से सागर आएंगे और यहां से सीधे कोटा तक हाई स्पीड कनेक्टिविटी हो जाएगी. जहां गाड़ियों की रफ्तार 100 से 120 किलोमीटर रहेगी. इसे भोपाल के बाहरी हिस्से और भोपाल-बैरसिया रोड से सीधे कनेक्ट किया जाएगा, जिससे भोपाल से कोटा के बीच की दूरी लगभग 75 किलोमीटर तक कम भी होगी और ट्रैफिक का दवाब भी नहीं रहेगा. जिससे यात्रियों के पूरे 4 घंटे तक की बचत होगी.
चार बड़े एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे: यह प्रोजेक्ट राजस्थान के कोटा से सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा.
भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर: यह हाईवे सागर और विदिशा के बीच भोपाल-कानपुर एक्सप्रेसवे से इंटरकनेक्ट करेगा.
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे: इसके अलावा यह भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर से होते हुए यह चेन सीधे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से भी जुड़ जाएगी.
चंबल एक्सप्रेसवे: सागर कोटा एक्सप्रेसवे कोटा क्षेत्र में बनने वाले नए इंटरचेंज के माध्यम से चंबल एक्सप्रेसवे से भी कनेक्ट होगा.
एमपी-राजस्थान की हाईस्पीड कनेक्टिविटी
यह एक्सप्रेसवे मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच कनेक्टिविटी को और मजबूत करने वाला है. यह कॉरिडोर कोटा से शुरू होकर झालावाड़ और अकलेरा जैसे प्रमुख क्षेत्रों को कवर करेगा, इसके बाद यह एमपी में एंट्री करेगा और गुना जिले के चाचौड़ा और मकसूदनगढ़ से निकलेगा, यहां से बैरसिया, विदिशा और अंत में बुंदेलखंड के केंद्र सागर तक जाएगा.


