मुंबई:'तीसरी मुंबई' में चलेंगी लोकल ट्रेनें, मुंबई रेलवे विकास निगम ने विस्तार योजना पर शुरू किया काम
Mumbai: Local trains to run in 'Third Mumbai', Mumbai Railway Vikas Corporation begins work on expansion plan
'तीसरी मुंबई' प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण तेजी से हो रहा है। इसके साथ ही आम जनता के लिए तेज और सुरक्षित रेल यात्रा सुनिश्चित करने की दिशा में भी तेजी से काम किया जा रहा है। इस उभरते हुए डेवलपमेंट हब में यात्रियों की संख्या में भविष्य की बढ़ोतरी को देखते हुए उपनगरीय रेलवे नेटवर्क के विस्तार की योजना बनाई जा रही है।
मुंबई: 'तीसरी मुंबई' प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण तेजी से हो रहा है। इसके साथ ही आम जनता के लिए तेज और सुरक्षित रेल यात्रा सुनिश्चित करने की दिशा में भी तेजी से काम किया जा रहा है। इस उभरते हुए डेवलपमेंट हब में यात्रियों की संख्या में भविष्य की बढ़ोतरी को देखते हुए उपनगरीय रेलवे नेटवर्क के विस्तार की योजना बनाई जा रही है। मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट-4 पैकेज में 'नई मुंबई' के लिए सीधी लोकल ट्रेन कनेक्टिविटी देने और 40 अतिरिक्त स्टेशनों को अपग्रेड करने की योजनाएं शामिल हैं। लोकल ट्रेन सेवाओं की फ़्रीक्वेंसी बढ़ाने के लिए ग्रेटर मुंबई क्षेत्र में आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम लागू किए जाएंगे। जिसमें 'कवच 5.0' भी शामिल है।
मुंबई रेलवे विकास कॉर्पोरेशन ग्रेटर मुंबई के विस्तार और अगले दो दशकों में यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट-4 तैयार कर रहा है। इस प्रोजेक्ट में नए कॉरिडोर, मौजूदा लाइनों का विस्तार, फास्ट और स्लो लोकल ट्रेनों के लिए अलग ट्रैक और उपनगरीय व मेल/एक्सप्रेस ट्रैफिक को अलग करने पर स्टडी शामिल होगी। इसमें ग्रेटर मुंबई के लिए कॉम्प्रिहेन्सिव ट्रांसपोर्ट स्टडी 2021 के साथ-साथ मंजूर और प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट्स के निष्कर्षों को भी शामिल किया जाएगा।
वेस्टर्न रेलवे और राज्य सरकार के साथ तालमेल
'मुंबई 3.0' विजन के मुख्य हिस्सों नवी मुंबई एयरपोर्ट इन्फ्लुएंस नोटिफाइड एरिया और करनाला-साई-चिरनेर अर्बन नोड्स तक मौजूदा लोकल ट्रेन कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए फिजिबिलिटी स्टडी की जाएगी। प्रोजेक्ट की डिटेल एमआरवीसी, सेंट्रल रेलवे, वेस्टर्न रेलवे और राज्य सरकार के बीच तालमेल से तय की जाएगी।
आर्थिक और वित्तीय व्यवहार्यता का आकलन
इसके बाद डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जाएंगी। इन रिपोर्ट में लागत का अनुमान और आर्थिक व वित्तीय व्यवहार्यता का आकलन शामिल होगा। इस पहल का मकसद लगभग 40 उपनगरीय स्टेशनों को अपग्रेड करने की संभावना का आकलन करना है, जिसमें वे स्टेशन शामिल नहीं होंगे जो पहले से ही चल रहे स्टेशन सुधार और रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के तहत आते हैं।


