मुंबई: मराठी सीखने की समयसीमा बढ़ाने पर विवाद, एकीकरण समिति ने जताई आपत्ति
Mumbai: Controversy over extension of Marathi learning deadline, Integration Committee objects
ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और ओला-उबर चालकों को मराठी भाषा सीखने के लिए राज्य सरकार द्वारा दी गई एक वर्ष की समयसीमा बढ़ाने के फैसले के खिलाफ मराठी एकीकरण समिति ने आक्रामक रुख अपनाया है। समिति ने इस फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की है। इस मामले में समिति का एक प्रतिनिधिमंडल दो दिन के भीतर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात कर समयसीमा बढ़ाने का फैसला वापस लेने की मांग वाला ज्ञापन सौंपेगा।
मुंबई : ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और ओला-उबर चालकों को मराठी भाषा सीखने के लिए राज्य सरकार द्वारा दी गई एक वर्ष की समयसीमा बढ़ाने के फैसले के खिलाफ मराठी एकीकरण समिति ने आक्रामक रुख अपनाया है। समिति ने इस फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की है। इस मामले में समिति का एक प्रतिनिधिमंडल दो दिन के भीतर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात कर समयसीमा बढ़ाने का फैसला वापस लेने की मांग वाला ज्ञापन सौंपेगा।
राज्य सरकार के फैसले के विरोध और संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन के 107 शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता रविवार को बड़ी संख्या में हुतात्मा चौक पर इकट्ठा हुए। समिति के अध्यक्ष गोवर्धन देशमुख ने कहा कि मराठी भाषा के क्रियान्वयन में किसी तरह की ढील नहीं दी जानी चाहिए। चालकों को दी गई एक वर्ष की समयसीमा बढ़ाना स्थानीय मराठी समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला फैसला है। इसे तत्काल रद्द किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को यह निर्णय वापस लेना चाहिए। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो सरकार के इस फैसले को न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। फैसले की कानूनी वैधता और प्रशासनिक पहलुओं का अध्ययन कर हम कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।


