मुंबई : पार्षद विशाखा राउत का कुनबी ओबीसी सर्टिफकेट रद्द, बीएमसी में उद्धव ठाकरे को झटका लगना तय
Mumbai: Councillor Vishakha Raut's Kunbi OBC certificate cancelled, a setback for Uddhav Thackeray in the BMC
मुंबई में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना यूबीटी को बीएमसी में बड़ा झटका लग सकता है। पूर्व मेयर और पार्षद विशाखा राउत को चुनाव रद्द हो सकता है क्योंकि पालघर जाति जांच कमेटी ने बीएमसी चुनाव लड़ते समय उनके जमा किए गए ओबीसी सर्टिफिकेट को अमान्य कर दिया है। अगर ऐसा हुआ तो बीएमसी में उद्धव ठाकरे का एक पार्षद कम हो जाएगा।
मुंबई: मुंबई में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना यूबीटी को बीएमसी में बड़ा झटका लग सकता है। पूर्व मेयर और पार्षद विशाखा राउत को चुनाव रद्द हो सकता है क्योंकि पालघर जाति जांच कमेटी ने बीएमसी चुनाव लड़ते समय उनके जमा किए गए ओबीसी सर्टिफिकेट को अमान्य कर दिया है। अगर ऐसा हुआ तो बीएमसी में उद्धव ठाकरे का एक पार्षद कम हो जाएगा। विशाखा राउत ने दादर के वार्ड 191 से शिवसेना (यूबीटी) के टिकट पर चुनाव लड़ा था, जो ओबीसी कैटेगरी की महिलाओं के लिए रिजर्व था। उन्होंने रिजर्व सीट के लिए अपनी योग्यता साबित करने के लिए एक ओबीसी सर्टिफिकेट जमा किया था।
कुनबी सर्टिफिकेट हो गया कैंसल
एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के नेता सदा सरवणकर की बेटी प्रिया गुरव वार्ड संख्या 191 में विशाखा के सामने लड़ी थीं। वार्ड 191 से यूबीबी पार्षद विशाखा राउत के चुनाव को रद्द करने की मांग के साथ मंगलवार को बीएमसी कमिश्नर से मुलाकात की और राउत को अयोग्य ठहराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने कुनबी जाति सर्टिफिकेट का इस्तेमाल करके ओबीसी-रिजर्व वार्ड से चुनाव लड़ा था। 24 अगस्त को बीएमसी कमिश्नर को दिए एक रिप्रेजेंटेशन में गुरव ने पालघर डिस्ट्रिक्ट जाति वेरिफिकेशन कमेटी के 20 अगस्त के आदेश का हवाला दिया, जिसकी एक कॉपी उन्हें ईमेल से मिली थी।
उद्धव ठाकरे को लगेगा झटका
इसी साल की शुरुआत में हुए बीएमसी (बृहन्मुंबई महानगरपालिका) चुनाव में उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) ने 65 सीटें जीती थीं। विशाखा राउत वर्ष 1997 से 1998 तक मुंबई (बृहन्मुंबई नगर निगम) की मेयर (महापौर) रही थीं। वह स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू होने के बाद मुंबई की पहली महिला मेयर बनी थीं। वह 1999 से 2004 तक दादर विधानसभा क्षेत्र से महाराष्ट्र विधानसभा की विधायक भी रह चुकी हैं।
विशाखा राउत की सदस्यता रद्द होने से उद्धव ठाकरे को झटका लगेगा। बीएमसी के नियमों और अदालती फैसलों के अनुसार यदि किसी निर्वाचित पार्षद की सदस्यता फर्जी दस्तावेजों या अन्य कारणों से रद्द होती है, तो चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार को उस पद के लिए पात्र घोषित किया जा सकता है।


