ठाणे स्टेशन एरिया ट्रैफिक इम्प्रूवमेंट स्कीम ब्रिज के टॉयलेट में वेंडरों का अवैध स्टोरेज, 2 लाख का सामान जब्त
Illegal storage of goods by vendors in the toilet of Thane Station Area Traffic Improvement Scheme Bridge, goods worth Rs 2 lakh seized
ठाणे रेलवे स्टेशन के बाहर बने स्टेशन एरिया ट्रैफिक इम्प्रूवमेंट स्कीम ब्रिज पर नगर निगम की व्यवस्था में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां अनधिकृत स्ट्रीट वेंडरों द्वारा नगर निगम के सार्वजनिक टॉयलेट का कथित तौर पर अवैध इस्तेमाल सामान रखने के लिए किया जा रहा था। हैरानी की बात यह है कि वेंडरों ने महिलाओं और ठाणे नगर निगम कर्मचारियों के लिए आरक्षित टॉयलेट की डुप्लीकेट चाबियां तक बनवा ली थीं। रात के समय इन टॉयलेट का इस्तेमाल कथित तौर पर सामान रखने और अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई से बचने के लिए किया जाता था।
ठाणे: ठाणे रेलवे स्टेशन के बाहर बने स्टेशन एरिया ट्रैफिक इम्प्रूवमेंट स्कीम ब्रिज पर नगर निगम की व्यवस्था में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां अनधिकृत स्ट्रीट वेंडरों द्वारा नगर निगम के सार्वजनिक टॉयलेट का कथित तौर पर अवैध इस्तेमाल सामान रखने के लिए किया जा रहा था। हैरानी की बात यह है कि वेंडरों ने महिलाओं और ठाणे नगर निगम कर्मचारियों के लिए आरक्षित टॉयलेट की डुप्लीकेट चाबियां तक बनवा ली थीं। रात के समय इन टॉयलेट का इस्तेमाल कथित तौर पर सामान रखने और अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई से बचने के लिए किया जाता था।
मामला सामने आने के बाद ठाणे नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए करीब 2 लाख रुपये कीमत का सामान जब्त किया है। कार्रवाई के बाद निगम प्रशासन ने सार्वजनिक सुविधाओं के दुरुपयोग और अवैध कब्जे को लेकर सख्ती बरतने के संकेत दिए हैं। बीजेपी नेता की शिकायत के बाद खुला मामला इस पूरे मामले का खुलासा बीजेपी नेता और पूर्व पार्षद संजय वाघुले की शिकायत के बाद हुआ। उन्होंने ठाणे नगर निगम के असिस्टेंट कमिश्नर महेश जामदार के सामने इस संबंध में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि SATIS ब्रिज पर बने नगर निगम के टॉयलेट का इस्तेमाल उन लोगों द्वारा किया जा रहा है, जिन्हें सार्वजनिक सुविधा के रूप में इस्तेमाल के लिए दी गई जगह में सामान रखने की अनुमति नहीं है।
शिकायत मिलने के बाद नगर निगम के अधिकारियों ने मामले की जांच की और कार्रवाई के लिए टीम भेजी। जांच के दौरान सामने आया कि कुछ स्ट्रीट वेंडरों ने टॉयलेट की डुप्लीकेट चाबियां बनवा रखी थीं। इन चाबियों की मदद से वे रात के समय टॉयलेट के अंदर सामान रख रहे थे। महिलाओं और ठाणे नगर निगम कर्मचारियों के लिए आरक्षित था टॉयलेट जिस टॉयलेट का इस्तेमाल सामान रखने के लिए किया जा रहा था, वह सामान्य स्टोरेज की जगह नहीं था। यह सुविधा महिलाओं और ठाणे म्युनिसिपल ट्रांसपोर्ट कर्मचारियों के लिए आरक्षित बताई गई है। ऐसे में सार्वजनिक सुविधा के लिए निर्धारित स्थान का व्यावसायिक सामान रखने के लिए इस्तेमाल किए जाने से नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।
स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर लंबे समय तक डुप्लीकेट चाबियों के जरिए टॉयलेट का इस्तेमाल कैसे होता रहा और इसकी जानकारी संबंधित विभाग के अधिकारियों को क्यों नहीं हुई। शिकायत सामने आने के बाद निगम ने तत्काल कार्रवाई कर यह स्पष्ट किया कि सार्वजनिक संपत्ति का इस तरह इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जाएगा। रात में सामान रखने का आरोप शिकायत के मुताबिक, वेंडर दिन के समय सड़क और ब्रिज के आसपास अपना कारोबार करते थे, जबकि रात में उनका सामान टॉयलेट के अंदर रख दिया जाता था। इस तरह टॉयलेट उनके लिए एक तरह के अवैध स्टोरेज स्पेस में बदल गया था।


