मुंबई में साइबर फ्रॉड के बड़े रैकेट का खुलासा, 6 गिरफ्तार
Major cyber fraud racket busted in Mumbai, 6 arrested
मुंबई की डोंगरी पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग, क्रिकेट सट्टेबाजी और कैसीनो के नाम पर होने वाली साइबर धोखाधड़ी के एक बड़े अंतरराज्यीय रैकेट का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने साइबर फ्रॉड की रकम को इधर-उधर करने के लिए ‘म्यूल बैंक अकाउंट’ उपलब्ध कराने वाले 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. शुरुआती जांच में करीब 25 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड का पता चला है. पुलिस को आशंका है कि पूरे नेटवर्क की जांच आगे बढ़ने पर यह आंकड़ा 100 करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता है.
मुंबई : मुंबई की डोंगरी पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग, क्रिकेट सट्टेबाजी और कैसीनो के नाम पर होने वाली साइबर धोखाधड़ी के एक बड़े अंतरराज्यीय रैकेट का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने साइबर फ्रॉड की रकम को इधर-उधर करने के लिए ‘म्यूल बैंक अकाउंट’ उपलब्ध कराने वाले 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. शुरुआती जांच में करीब 25 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड का पता चला है. पुलिस को आशंका है कि पूरे नेटवर्क की जांच आगे बढ़ने पर यह आंकड़ा 100 करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता है.
साउथ रीजन जोन-1 के डीसीपी मनीष कलवानिया ने एबीपी न्यूज़ से बातचीत में बताया कि डोंगरी पुलिस स्टेशन के साइबर टिम को इस गिरोह के बारे में विश्वसनीय और गोपनीय जानकारी मिली थी. इसके बाद पुलिस ने पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने के लिए सुनियोजित तरीके से जांच शुरू की.
इस राज्य में अब खाने का तेल खुले में नहीं बिकेगा, लगा बैन
जांच के दौरान पता चला कि गिरोह के सदस्य आर्थिक रूप से जरूरतमंद लोगों को पैसे का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे. इसके लिए उन्हें 5 से 10 हजार रुपये देने का लालच दिया जाता था. बैंक खाता खुलने के बाद पासबुक, डेबिट कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड तक आरोपियों के कब्जे में ले लिए जाते थे.
साइबर ठगी की रकम इन खातों में होती थी जमा
इन बैंक खातों का इस्तेमाल बाद में साइबर फ्रॉड के लिए किया जाता था. ऑनलाइन गेमिंग, क्रिकेट सट्टेबाजी और कैसीनो के नाम पर लोगों से ठगी के बाद हासिल की गई रकम इन खातों में जमा कराई जाती थी. इसके बाद रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता था.
ऐसा करने के पीछे मकसद साइबर ठगी से मिली रकम के असली स्रोत को छिपाना था. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन खातों का इस्तेमाल करने वाले गिरोह के पीछे कौन लोग हैं और ठगी की रकम आखिर किन लोगों तक पहुंचती थी.
110 बैंक खाते पुलिस के रडार पर
डोंगरी पुलिस की जांच में अब तक कुल 110 बैंक खातों को जब्त किया गया है. पुलिस इन खातों के बैंक रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटा रही है. फिलहाल 110 में से 17 बैंक खातों से जुड़ी जानकारी बैंकों से हासिल की गई है.
इन 17 खातों के लेनदेन, तकनीकी जानकारी और अलग-अलग राज्यों में दर्ज साइबर अपराध की शिकायतों की जांच की गई. इस जांच में सामने आया कि देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज 38 साइबर अपराध की शिकायतों का सीधा संबंध इन्हीं 17 बैंक खातों से है.


