मुंबई: मीरा-भाईंदर से वसई-विरार मेट्रो कॉरिडोर को मिली मंजूरी, 5 साल में प्रोजेक्ट होगा पूरा
Mumbai: Mira-Bhayander to Vasai-Virar Metro corridor gets approval, project to be completed in 5 years
मुंबई के बाहर ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने एमएमआर में मेट्रो कॉरिडोर के विस्तार को मंजूरी प्रदान कर दी है। सरकारी मंजूरी के बाद मीरा भाईंदर को वसई विरार को मेट्रो से कनेक्ट करने का रास्ता साफ हो गया है। 17,725 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस कॉरिडोर से मीरा रोड, वसई, नालासोपारा, नायगांव और विरार के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला हुआ है।
मुंबई : मुंबई के बाहर ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने एमएमआर में मेट्रो कॉरिडोर के विस्तार को मंजूरी प्रदान कर दी है। सरकारी मंजूरी के बाद मीरा भाईंदर को वसई विरार को मेट्रो से कनेक्ट करने का रास्ता साफ हो गया है। 17,725 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस कॉरिडोर से मीरा रोड, वसई, नालासोपारा, नायगांव और विरार के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला हुआ है।
25 किमी लंबा होगा कॉरिडोर
मेट्रो-13 की कुल लंबाई 25.03 किमी होगी। इसमें 21.78 किमी एलिवेटेड और 3.25 किमी भूमिगत मार्ग होगा। कॉरिडोर पर कुल 16 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें 13 एलिवेटेड और तीन भूमिगत स्टेशन होंगे। एमएमआरडीए इस प्रोजेक्ट को लागू करेगा और मंजूरी के बाद इसे पांच साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
लोकल ट्रेन से होगी कनेक्ट
अधिक से अधिक यात्रियों को मेट्रो लाइन का लाभ पहुंचाने के लिए मेट्रो-13 को नायगांव, नालासोपारा, विरार रेलवे स्टेशन से जोड़ा जाएगा। साथ ही इस लाइन को दहिसर ( पूर्व ) से मीरा भाईंदर के बीच बने मेट्रो-9 से भी जोड़ा जायगा। मेट्रो-9 के नेताजी सुभाषचंद्र बोस स्टेडियम स्टेशन पर यह दोनों लाइन कनेक्ट होगी। मेट्रो 9 के जरिये लोग विरार से मुंबई तक मेट्रो में सफर कर सकेंगे। यात्रियों को मेट्रो के रूप में नया विकल्प उपलब्ध होगा।
पांजू बेट के लिए बनेगा खास पुल
इस प्रोजेक्ट की खासियत वसई खाड़ी पर पांजू बेट को जोड़ने वाला 4.92 किमी लंबा छह लेन का संयुक्त सड़क-मेट्रो पुल होगा। चिखल डोंगरी में मेट्रो डिपो प्रस्तावित है। सभी मेट्रो स्टेशनों तक बस सेवा उपलब्ध कराने की भी योजना है।
4.49 लाख यात्रियों का अनुमान
सरकार के अनुसार वर्ष 2031 में इस कॉरिडोर से रोजाना करीब 4.49 लाख यात्री सफर कर सकते हैं। मेट्रो शुरू होने से सड़क मार्ग की तुलना में यात्रा का समय करीब 50 फीसदी तक कम होने की उम्मीद है। इससे निजी वाहनों और प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात का दबाव घटने के साथ कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।
मुंबईकर पर क्या असर पड़ेगा
मुंबई में प्रॉपर्टी की दाम आसमान छूने के बाद विरार और वसई में तेजी से लोगों की आबादी बढ़ी है। यहां से रोजाना हजारों लोग रोजगार व अन्य कार्यों के लिए लोकल ट्रेन या सड़क मार्ग से मुंबई आते है। लोकल ट्रेन में अधिक भीड़ होने की वजह से यात्रियों का यह सफर पीड़ादायक होता है, वहीं मेट्रो के शुरू होने से यात्रा तेजी से आरामदायक तरीके से पूरी हो सकेगी।


