मुंबई में पानी की किल्लत का खतरा! ठाणे के तीन हाथ नाका पर 3,000 MM पाइपलाइन में बड़ा लीकेज, मरम्मत युद्धस्तर पर
Mumbai faces water shortage! A major leak in a 3,000 mm pipeline at Teen Haath Naka in Thane, repairs underway.
ठाणे के तीन हाथ नाका के पास मुंबई-III की 3,000 MM पानी की पाइपलाइन में बड़ा लीकेज सामने आया है। पाइपलाइन 3-4 मीटर जमीन के नीचे होने के कारण मरम्मत चुनौतीपूर्ण है। BMC ने इमरजेंसी रिपेयर शुरू कर दिया है और नागरिकों से पानी का इस्तेमाल सावधानी से करने की अपील की गई है।
मुंबई/ठाणे: मुंबई की जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर बड़ी चिंता सामने आई है। ठाणे के तीन हाथ नाका के पास ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे क्षेत्र में मुंबई-III जलापूर्ति लाइन में बड़ा लीकेज पाया गया है। करीब 3,000 मिलीमीटर व्यास वाली इस विशाल पाइपलाइन में रिसाव के कारण मुंबई के कुछ हिस्सों में पानी की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
यह पाइपलाइन जमीन के करीब 3 से 4 मीटर नीचे स्थित है और सुरक्षा के लिए इसके चारों ओर बाहरी केसिंग भी मौजूद है। गहराई में होने के कारण लीकेज वाली जगह तक पहुंचना और उसकी मरम्मत करना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
BMC ने शुरू किया इमरजेंसी रिपेयर ऑपरेशन
लीकेज की जानकारी मिलने के बाद BMC की टीमों ने मौके पर पहुंचकर तत्काल मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। कर्मचारी खुदाई कर पाइपलाइन तक पहुंचने, रिसाव की सटीक जगह का पता लगाने और लीकेज को रोकने में जुटे हैं।
मौके पर बड़े गड्ढे में कर्मचारियों को काम करते देखा गया है, जबकि खुदाई के लिए JCB मशीन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि पाइपलाइन से पानी की बर्बादी को जल्द से जल्द रोका जाए और जलापूर्ति व्यवस्था सामान्य की जा सके।
मुंबई की जलापूर्ति पर पड़ सकता है असर
मुंबई-III पाइपलाइन शहर की महत्वपूर्ण जलापूर्ति व्यवस्था का हिस्सा है। ऐसे में इसमें बड़े लीकेज के कारण मुंबई के कुछ इलाकों में पानी की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका है।
हालांकि, फिलहाल कितने इलाकों में और कितनी देर तक पानी की आपूर्ति प्रभावित होगी, इसे लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। अधिकारी हालात पर लगातार नजर रख रहे हैं और प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत का काम किया जा रहा है।
जमीन के नीचे होने से मरम्मत में लग सकता है समय
3,000 MM व्यास वाली यह पाइपलाइन काफी गहराई में स्थित होने के साथ-साथ बाहरी सुरक्षा केसिंग से भी घिरी हुई है। इसके कारण लीकेज वाली जगह तक सीधे पहुंचना आसान नहीं है।
मरम्मत टीमों को पहले पाइपलाइन की सही स्थिति और रिसाव का स्रोत तलाशना होगा। इसके बाद आवश्यक तकनीकी प्रक्रिया के जरिए पाइपलाइन की मरम्मत की जाएगी। इसी वजह से पूरी प्रक्रिया में कुछ समय लगने की संभावना है।
नागरिकों से पानी बचाने की अपील
संभावित जलापूर्ति संकट को देखते हुए नागरिकों से पानी का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार और सावधानी से करने की अपील की गई है। प्रशासन की कोशिश है कि लीकेज को जल्द रोककर मुंबई की जलापूर्ति व्यवस्था पर बड़े असर को टाला जा सके।
फिलहाल मरम्मत का काम प्राथमिकता के आधार पर जारी है। अधिकारियों की नजर इस बात पर है कि पाइपलाइन को सुरक्षित तरीके से जल्द से जल्द बहाल किया जाए।
मुंबईकरों की नजर अब मरम्मत पर
तीन हाथ नाका के पास हुई इस बड़ी पाइपलाइन लीकेज ने मुंबई की जलापूर्ति व्यवस्था की अहमियत को एक बार फिर सामने ला दिया है। यदि मरम्मत में ज्यादा समय लगता है तो शहर के कुछ हिस्सों में पानी की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से लीकेज को नियंत्रित करने और पाइपलाइन को बहाल करने के प्रयास जारी हैं। मरम्मत पूरी होने के बाद ही जलापूर्ति पर संभावित प्रभाव की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।


