मुंबई: अंधेरी इलाके में जेबकतरा गिरोह का पर्दाफाश; पुलिस से बचने के लिए रोजाना बदलने वाले कोड का करते थे इस्तेमाल
Mumbai: Pickpocket gang busted in Andheri area; used daily changing codes to evade police.
अंधेरी इलाके में सक्रिय बताए जा रहे एक कथित जेबकतरा गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य चोरी की वारदातों को अंजाम देने के साथ-साथ पुलिस से बचने के लिए रोजाना बदलने वाले व्हाट्सएप कोड का इस्तेमाल करते थे। पुलिस के मुताबिक, सामान्य दिखने वाले वाक्य जैसे “चाचा ने सलाम दिया” और “आज मौसम कैसा है?” गिरोह के लिए सुरक्षा संकेत की तरह काम करते थे। इन कोड शब्दों के जरिए यह पता किया जाता था कि कोई सदस्य पुलिस की गिरफ्त में तो नहीं आया है।
मुंबई : अंधेरी इलाके में सक्रिय बताए जा रहे एक कथित जेबकतरा गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य चोरी की वारदातों को अंजाम देने के साथ-साथ पुलिस से बचने के लिए रोजाना बदलने वाले व्हाट्सएप कोड का इस्तेमाल करते थे। पुलिस के मुताबिक, सामान्य दिखने वाले वाक्य जैसे “चाचा ने सलाम दिया” और “आज मौसम कैसा है?” गिरोह के लिए सुरक्षा संकेत की तरह काम करते थे। इन कोड शब्दों के जरिए यह पता किया जाता था कि कोई सदस्य पुलिस की गिरफ्त में तो नहीं आया है।
एमआईडीसी पुलिस स्टेशन की टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह से जुड़े आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच की कमान डीसीपी वेस्ट जोन-3 दत्ता नलवडे के नेतृत्व में आगे बढ़ाई गई। पुलिस के अनुसार, गिरोह का मुख्य सरगना हर सुबह व्हाट्सएप के जरिए अपने साथियों से संपर्क करता था। बातचीत के दौरान किसी सामान्य सवाल या वाक्य के जरिए उस दिन का कोड इस्तेमाल किया जाता था। इसका मकसद चोरी की जगह या शिकार की जानकारी देना नहीं, बल्कि गिरोह के सदस्यों की सुरक्षा की पुष्टि करना था।
पुलिस जांच में पता चला कि गिरोह के लिए हर दिन नया कोड तय किया जाता था। जब सभी सदस्यों से सही जवाब मिल जाता था, तभी यह माना जाता था कि गिरोह का कोई सदस्य पुलिस के हाथ नहीं लगा है। इसके बाद बस रूट और मिलने की जगह जैसी जानकारी तय की जाती थी। पुलिस का कहना है कि यह तरीका गिरोह को आपसी संपर्क बनाए रखने और संभावित पुलिस कार्रवाई से बचने में मदद करता था। अंधेरी में गिरोह के दो सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद कथित तौर पर बाकी सदस्यों ने अपना ठिकाना बदल लिया और नवी मुंबई के जुईनगर इलाके में चले गए। पुलिस ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखते हुए जांच आगे बढ़ाई और गिरोह के नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास किया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गिरोह के पास से 135 महंगे स्मार्टफोन बरामद किए। पुलिस के मुताबिक, बरामद मोबाइल फोन की कीमत करीब 90 हजार रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये तक बताई जा रही है। इतनी बड़ी संख्या में फोन मिलने के बाद पुलिस को शक है कि गिरोह लंबे समय से मोबाइल चोरी की वारदातों में सक्रिय था। अब बरामद मोबाइल फोन के वास्तविक मालिकों का पता लगाने और चोरी की घटनाओं से उनका संबंध जोड़ने की कोशिश की जा रही है।


