उपभोक्ताओं के लिए मुफ्त ही रहेंगे UPI भुगतान: PhonePe के सीईओ समीर निगम ने सर्विस चार्ज की अटकलों पर लगाया विराम
UPI payments will remain free for consumers: PhonePe CEO Sameer Nigam puts an end to speculation about service charges
फोनपे (PhonePe) के सीईओ समीर निगम ने स्पष्ट किया है कि आम ग्राहकों के लिए यूपीआई (UPI) पेमेंट्स पूरी तरह से मुफ्त बने रहेंगे। सर्विस चार्ज की अटकलों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि फिनटेक कंपनियां लोन, इंश्योरेंस जैसी अन्य वित्तीय सेवाओं से रेवेन्यू कमा रही हैं, इसलिए कंज्यूमर्स पर चार्ज लगाने का कोई सवाल नहीं उठता।
नई दिल्ली: देश में यूपीआई (UPI) पेमेंट्स पर शुल्क या चार्ज लगाए जाने की उड़ती अफवाहों और चर्चाओं के बीच देश के अग्रणी फिनटेक प्लेटफॉर्म PhonePe के संस्थापक और सीईओ समीर निगम (Sameer Nigam) ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि भारत में आम उपभोक्ताओं के लिए UPI सेवाएं पूरी तरह से मुफ्त (Free) रहेंगी और उन पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगाया जाएगा।
डिजिटल इंडिया और डिजिटल पेमेंट्स के बढ़ते दायरे पर बात करते हुए समीर निगम ने कहा कि यूपीआई भारत के वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) की रीढ़ की हड्डी बन चुका है। आम जनता, छोटे दुकानदारों और उपभोक्ताओं के लिए यूपीआई को मुफ्त रखना ही इसकी अभूतपूर्व सफलता का सबसे मुख्य कारण रहा है।
समीर निगम के बयान के मुख्य बिंदु:
- कंज्यूमर चार्ज नहीं: आम यूजर्स द्वारा एक खाते से दूसरे खाते में पैसे ट्रांसफर करने या मर्चेंट को भुगतान करने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
- सस्टेनेबल बिजनेस मॉडल: डिजिटल पेमेंट्स कंपनियां और बैंक अन्य वित्तीय सेवाओं (जैसे ऋण/लोन, बीमा, म्यूच्यूअल फंड और मर्चेंट वैल्यू-एडेड सर्विसेज) के जरिए अपना राजस्व (Revenue) उत्पन्न कर रहे हैं, जिससे यूपीआई को फ्री रखना संभव है।
- सरकार और NPCI का समर्थन: नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और भारत सरकार का भी स्पष्ट रुख रहा है कि यूपीआई को आम जनता के लिए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के रूप में मुफ्त और सुलभ बनाए रखा जाए।


