मुंबई : सड़क दुर्घटना रोकने के लिए सरकार चलाएगगी अभियान...
Mumbai: Government to launch campaign to prevent road accidents...
सरनाईक ने कहा कि हादसे के स्थान पर सबसे नजदीक उपलब्ध एंबुलेंस को तत्काल पहुंचाने के लिए 108 सेवा और निजी एंबुलेंस को एकीकृत डिजिटल मंच से जोड़ने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। एंबुलेंस में कैमरा और दूरसंचार सुविधा उपलब्ध कराने पर भी विचार किया जाए, ताकि हादसे में घायल व्यक्ति की स्थिति अस्पताल में मौजूद डॉक्टर देख सकें और अस्पताल पहुंचने तक आवश्यक उपचार के संबंध में मार्गदर्शन दिया जा सके।
मुंबई : राज्य में सड़क हादसों से होने वाली मौतों की संख्या को रोकने के लिए परिवहन, पुलिस, सार्वजनिक निर्माण, स्वास्थ्य विभागों को मिलकर समन्वय के साथ काम करना चाहिए। हादसों पर नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग, सड़क सुरक्षा ऑडिट तथा हादसे में घायल लोगों को 'गोल्डन ऑवर' के दौरान तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक की अध्यक्षता में 13वीं राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक आयोजित की गई। जिसमे वे बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि हादसे में घायल लोगों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के लिए 'पीएम राहत' योजना का प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। इस योजना के तहत प्रति व्यक्ति डेढ़ लाख रुपये तक और अधिकतम सात दिनों तक कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध है।
घायल व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद उपचार शुरू करने में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। पुलिस पंजीकरण, डिजिटल पहचान संख्या और उपचार की मंजूरी से संबंधित प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा में पूरी हो, इसके लिए स्वास्थ्य, पुलिस और परिवहन विभाग को मिलकर एक समन्वित कार्यप्रणाली तैयार करने के निर्देश मंत्री सरनाईक ने दिए।
सरनाईक ने कहा कि हादसे के स्थान पर सबसे नजदीक उपलब्ध एंबुलेंस को तत्काल पहुंचाने के लिए 108 सेवा और निजी एंबुलेंस को एकीकृत डिजिटल मंच से जोड़ने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। एंबुलेंस में कैमरा और दूरसंचार सुविधा उपलब्ध कराने पर भी विचार किया जाए, ताकि हादसे में घायल व्यक्ति की स्थिति अस्पताल में मौजूद डॉक्टर देख सकें और अस्पताल पहुंचने तक आवश्यक उपचार के संबंध में मार्गदर्शन दिया जा सके।


