मुंबई : आदिवासी छात्रों की मांगों पर महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला खत्म हुआ अनशन
Mumbai: Maharashtra government takes a big decision on the demands of tribal students, hunger strike ends
महाराष्ट्र में आदिवासी छात्रों के लंबे आंदोलन के बाद आखिरकार राज्य सरकार ने उनकी मांगों को स्वीकार कर लिया है। मुख्यमंत्री **देवेंद्र फडणवीस** के नेतृत्व वाली सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के बाद उनकी सभी प्रमुख मांगों को मानने का फैसला किया। इसके बाद छात्रों का अनशन खत्म होने की उम्मीद जताई जा रही है। आदिवासी छात्रों का यह आंदोलन केवल छात्रावास और शिक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के उम्मीदवारों की भर्ती और आदिवासी बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी शामिल थे।
मुंबई : महाराष्ट्र में आदिवासी छात्रों के लंबे आंदोलन के बाद आखिरकार राज्य सरकार ने उनकी मांगों को स्वीकार कर लिया है। मुख्यमंत्री **देवेंद्र फडणवीस** के नेतृत्व वाली सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के बाद उनकी सभी प्रमुख मांगों को मानने का फैसला किया। इसके बाद छात्रों का अनशन खत्म होने की उम्मीद जताई जा रही है। आदिवासी छात्रों का यह आंदोलन केवल छात्रावास और शिक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के उम्मीदवारों की भर्ती और आदिवासी बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी शामिल थे।
क्यों आंदोलन कर रहे थे एसटी छात्र?
महाराष्ट्र के आदिवासी छात्रों ने पुणे, नागपुर और नासिक समेत कई शहरों में अनशन शुरू किया था। इस आंदोलन की बड़ी वजह गढ़चिरौली जिले के एक आदिवासी आवासीय स्कूल में हुई दर्दनाक घटना थी, जहां सांप के काटने से तीन आदिवासी छात्राओं की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद छात्रों ने आदिवासी आश्रम स्कूलों और छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। छात्रों का आरोप था कि आदिवासी बच्चों के लिए बनाए गए आवासीय स्कूलों और छात्रावासों में मूलभूत सुविधाओं की कमी है। सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होने के कारण बच्चों की जान खतरे में पड़ रही है।
छात्रों की प्रमुख मांगें क्या थीं?
आंदोलन कर रहे एसटी छात्रों की कई मांगें थीं। इनमें सबसे अहम मांगें थीं— * आदिवासी छात्रों के लिए सुरक्षित और बेहतर छात्रावास व्यवस्था * आश्रम स्कूलों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम * सरकारी सेवाओं में एसटी उम्मीदवारों की भर्ती प्रक्रिया को तेज करना * छात्रों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना * शिक्षा संस्थानों में जरूरी संसाधन मुहैया कराना छात्रों का कहना था कि सरकार आदिवासी बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा को प्राथमिकता दे।
सरकार ने कैसे किया समाधान?
आदिवासी विकास मंत्री **अशोक उइके** ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद उनकी मांगों को स्वीकार कर लिया है। सरकार ने भरोसा दिया कि छात्रों की समस्याओं पर गंभीरता से काम किया जाएगा। मंत्री ने बताया कि सरकार तीन महीने बाद दोबारा समीक्षा बैठक करेगी, जिसमें यह देखा जाएगा कि लिए गए फैसलों को जमीन पर कितना लागू किया गया है और कहीं कोई समस्या तो नहीं आ रही।


