मुंबई : महापौर पद को लेकर BJP-शिंदे सेना में खींचतान! शिवसेना BMC गुट के नेता ने पावर शेयरिंग को लेकर किया दावा
Mumbai: BJP-Shinde Sena tussle over mayoral post! Shiv Sena BMC faction leader claims power sharing
महानगरपालिका यानी BMC में महापौर पद को लेकर गठबंधन सहयोगी बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के दावे प्रतिदावे आमने-सामने आ रहे हैं। शिवसेना के बीएमसी गुट नेता अमेय घोले के दावे के मुताबिक, मुख्यमंत्री आवास ‘वर्षा’ में हुई महायुति की बैठक में महापौर पद को लेकर ढाई-सवा-सवा साल का पावर शेयरिंग फॉर्मूला तय हुआ था। जानें ये पूरा मामला क्या है।
मुंबई: महानगरपालिका यानी BMC में महापौर पद को लेकर गठबंधन सहयोगी बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के दावे प्रतिदावे आमने-सामने आ रहे हैं। शिवसेना के बीएमसी गुट नेता अमेय घोले के दावे के मुताबिक, मुख्यमंत्री आवास ‘वर्षा’ में हुई महायुति की बैठक में महापौर पद को लेकर ढाई-सवा-सवा साल का पावर शेयरिंग फॉर्मूला तय हुआ था। जानें ये पूरा मामला क्या है।
सामने आई सवा साल शिवसेना के महापौर वाली बात
इस फॉर्मूले के मुताबिक, शुरुआती ढाई साल बीजेपी का महापौर, उसके बाद सवा साल शिवसेना का महापौर और आखिरी सवा साल फिर बीजेपी का महापौर होगा। अमेय घोले का दावा है कि सभी समितियों का बंटवारा भी इसी फॉर्मूले के आधार पर किया गया था। ऐसे में शिवसेना अपने हिस्से के महापौर पद के लिए मजबूती से दावा करेगी।
अमेय घोले के दावे को BJP ने किया खारिज
वहीं, बीजेपी नेता और मंत्री आशीष शेलार ने इन दावों को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि अनौपचारिक चर्चाओं का कोई महत्व नहीं है। अगर महापौर पद को लेकर कोई आधिकारिक सहमति बनी होती, तो उसकी घोषणा की जाती। सीएम फडणवीस और डिप्टी सीएम शिंदे में अगर कोई औपचारिक बात या प्रस्ताव पर चर्चा हुई होगी तो दोनों ही सच्चाई बताएंगे।
BMC को लेकर ‘ऑपरेशन टाइगर’ की भी चर्चा
इस बीच सूत्रों के मुताबिक, शिंदे सेना बीएमसी में ‘ऑपरेशन टाइगर’ के जरिए यूबीटी शिवसेना के करीब 45 पार्षदों को अपने साथ लाने की तैयारी कर रही है। शिंदे सेना का मकसद बीएमसी में अपना आंकड़ा बढ़ाकर महापौर पद पर अपना दावा मजबूत करना है।
BMC में अभी क्या है स्थिति?
फिलहाल, बीएमसी में बीजेपी के 89, शिंदे सेना के 29, समर्थन मिलाकर 33, यूबीटी शिवसेना के 65 और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के 3 पार्षद हैं। यानी बीएमसी में महापौर पद को लेकर बीजेपी और शिंदे सेना के बीच खींचतान आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है। इससे पहले हाल ही में बृहन्मुंबई महानगरपालिका PR एजेंसी के लिए 25 लाख रुपये के ठेके को लेकर विवाद सामने आया था। तब विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया था कि मुंबईकरों के टैक्स के पैसे की बर्बादी की जा रही है।


