मुंबई के कुर्ला में क्रेन गिरने से 11 लोग घायल, दो मकानों और रेलवे की ओवरहेड इलेक्ट्रिक वायर को भी नुकसान
Eleven people injured, two houses and railway overhead electric wires damaged after crane collapses in Kurla, Mumbai
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के कुर्ला में गुरुवार देर रात हादसा हो गया। क्रेन की मदद से एक पोकलेन मशीन को इमारत के ऊपरी हिस्से तक पहुंचाया जा रहा था। तभी संतुलन बिगड़ने से क्रेन जमीन पर आ गिरी और उसका एक हिस्सा पास के दो मकानों और मुंबई लोकल रेलवे की ओवरहेड इलेक्ट्रिक वायर पर गिर गया। इस हादसे में कई लोग घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना पर स्थानीय पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी।
मुंबई: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के कुर्ला में गुरुवार देर रात हादसा हो गया। क्रेन की मदद से एक पोकलेन मशीन को इमारत के ऊपरी हिस्से तक पहुंचाया जा रहा था। तभी संतुलन बिगड़ने से क्रेन जमीन पर आ गिरी और उसका एक हिस्सा पास के दो मकानों और मुंबई लोकल रेलवे की ओवरहेड इलेक्ट्रिक वायर पर गिर गया। इस हादसे में कई लोग घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना पर स्थानीय पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी।
11 लोगों के घायल होने की खबर
सेंट्रल रेलवे के मुताबिक, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) की एक क्रेन कुर्ला और ट्रॉम्बे के बीच ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) पर पास की एक वर्क साइट से गिर गई। यह मुख्य रूप से मालगाड़ियों की लाइन है, इसलिए आवाजाही प्रभावित नहीं हुई है। इस हादसे में अभी तक 11 लोगों के घायल होने की खबर है। इस हादसे की जिम्मेदारी एमएमआरडीए ने ली है। मुंबई पुलिस के डीसीपी गणेश शिंदे के मुताबिक, उन्होंने घटना के बाद घायलों से मुलाकात की है। 9 घायलों से उन्होंने अस्पताल जाकर मुलाकात की है, सभी की हालात स्थिर हैं, जबकि एक या दो लोग निजी अस्पतालों में भर्ती किए गए हैं। अभी तक किसी की मौत की खबर नहीं है।
राहत और बचाव कार्य जारी
फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है और क्रेन को हटाया जा रहा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इसके पहले मुंबई के घाटकोपर में जबरदस्त भूस्खलन हुआ था, जिसमें तीन बच्चों समेत लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए थे। यह हादसा चिराग नगर के अशोक नगर इलाके में गौसिया चाल में हुआ था। जब लोग अपने घरों में आराम से सो रहे थे। तभी पास की पहाड़ी का एक हिस्सा ढह गया, जिससे कीचड़, बड़े पत्थर और मलबा दो-तीन कतार वाले घरों पर गिर गया था।


