decision
<% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<% if(node_description!==false) { %> <%= node_description %>
<% } %> <% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
Read More... मुंबई-प्रयागराज के बीच चलेगी 44 स्पेशल ट्रेनें, यात्रियों की मांग पर रेलवे का बड़ा फैसला
Published On
By Online Desk
गर्मी की छुट्टियों के दौरान मुंबई और प्रयागराज के बीच भारी भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को संभालने के लिए रेलवे ने लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) और प्रयागराज के बीच 44 साप्ताहिक विशेष ट्रेनों के संचालन की घोषणा की है। ये विशेष सेवाएं फरवरी से जुलाई 2026 तक अलग-अलग अवधियों में चलाई जाएंगी, जिससे होली और गर्मी की छुट्टियों में सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। अमेरिका : टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भड़के ट्रंप... लीक हुई बैठक की बातें, अमेरिकी राष्ट्रपति बोले- ‘कुछ करना होगा’
Published On
By Online Desk
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के निर्णय में कहा कि राष्ट्रपति ने जिस आपातकालीन अधिकार का हवाला देकर टैरिफ लगाए, वह उनके संवैधानिक अधिकार क्षेत्र से बाहर था. अदालत ने साफ किया कि 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत राष्ट्रपति को आपात स्थिति में व्यापार को 'नियंत्रित' करने का अधिकार है, लेकिन इस कानून में सीधे तौर पर टैरिफ लगाने की अनुमति नहीं दी गई है. कोर्ट के इस फैसले को उन राज्यों और कंपनियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, जिन्होंने बढ़े हुए आयात शुल्क के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया था. नई दिल्ली : शराब घोटाला: अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया पर केस चलेगा या नहीं, 27 फरवरी को होगा फैसला?
Published On
By Online Desk
दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े CBI केस में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों की कानूनी मुश्किलें बढ़ेंगी या राहत मिलेगी. इस पर अब 27 फरवरी को दिल्ली की निचली अदालत अपना फैसला सुनाएगी. राउज एवेन्यू कोर्ट ने मामले में आरोप तय करने को लेकर आदेश सुरक्षित रख लिया है. यह केस दिल्ली सरकार की 2021-22 की आबकारी नीति से जुड़ा है, जिसे बाद में वापस ले लिया गया था. CBI का आरोप है कि इस नीति को बनाते और लागू करते समय चुनिंदा कारोबारियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया. इसके बदले रिश्वत और अवैध फंडिंग हुई. इस पूरी प्रक्रिया एक आपराधिक साजिश का हिस्सा थी. पुणे : पोर्श कार हादसा- सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पीड़ित परिवार की नाराजगी
Published On
By Online Desk
महाराष्ट्र के पुणे जिले के चर्चित पोर्श कार हादसे में सुप्रीम कोर्ट ने खून के सैंपल से छेड़छाड़ में मदद करने के आरोप में तीन लोगों को जमानत दे दी है। इनमें एक कथित बिचौलिया और कार में मौजूद दो नाबालिगों के माता-पिता शामिल हैं। कोर्ट ने कहा कि वे 18 महीने से जेल में हैं और ऐसे मामलों में माता-पिता की भी जिम्मेदारी होती है। वहीं कोर्ट के इस फैसले पर पीड़ित अनिश आवाधिया के परिवार ने नाराजगी जताई है। 
