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Read More... मुंबई में 164 स्कूल बिना इजाज़त के; हज़ारों स्टूडेंट्स का भविष्य अधर में
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By Online Desk
एक चौंकाने वाली बात सामने आई है कि मुंबई में 164 स्कूल बिना इजाज़त के हैं। इन स्कूलों में स्टूडेंट्स का भविष्य अधर में लटका हुआ है और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन 48 स्कूलों को मंज़ूरी दिलाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, यह प्रपोज़ल अक्टूबर 2025 से राज्य सरकार के पास पेंडिंग होने की वजह से स्टूडेंट्स और पेरेंट्स में चिंता बढ़ गई है। मुंबई : विकलांग छात्रों के लिए छात्रवृत्ति राशि में उल्लेखनीय वृद्धि
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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीसयह निर्णय शिक्षा राज्य मंत्री की उपस्थिति में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। इस निर्णय से किंडरगार्टन से आठवीं, नौवीं से दसवीं और ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाले विकलांग छात्रों के लिए छात्रवृत्ति राशि में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग द्वारा लागू की गई ये योजनाएं 8 से 34 साल पुरानी हैं। मुंबई : परीक्षा के बीच लाइन में खड़े छात्र, सिलेंडर लेने के लिए घंटों इंतजार
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मुंबई में भी गैस सिलेंडर का संकट गहरा गया है। आलम यह है कि कांदिवली (पूर्व) स्थित हनुमान नगर, सिंह ईस्टेट, आकुर्ली रोड, अशोक नगर, आशा नगर, जानूपाड़ा, दामू नगर और वडारपाड़ा समेत अन्य इलाके में इन दिनों गैस सिलेंडर की किल्लत से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या का असर अब छात्रों पर भी पड़ने लगा है, जिनकी इन दिनों स्कूल परीक्षाएं चल रही हैं, लेकिन मजबूरी में उन्हें भी लाइन में लगना पड़ रहा है। चिंता की बात यह है कि ये विद्यार्थी औसतन चार से पांच घंटे लाइन में लगते हैं, लेकिन उन्हें सिलिंडर नहीं मिल पाता है। मुंबई :बीएमसी स्कूलों के आधे से ज़्यादा छात्र बीच में स्कूल छोड़ देते हैं?
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मुंबई के म्युनिसिपल स्कूलों में हज़ारों बच्चों के लिए, पहली क्लास में एक भीड़-भाड़ वाली क्लासरूम से शुरू होने वाला सफ़र अक्सर मंज़िल तक पहुंचने से पहले ही खत्म हो जाता है. एक नई रिपोर्ट में पता चला है कि बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन स्कूलों में अपनी पढ़ाई शुरू करने वाले आधे से भी कम छात्र 10वीं क्लास तक इस सिस्टम में बने रहते हैं—जिससे शहर की पब्लिक शिक्षा में कमियों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. 
