मुंबई : ईरान के हमले में मारा गया भारतीय इंजीनियर कौन? मुंबई के रहने वाले थे देव नंदन सिंह, दो बच्चों के पिता
Mumbai: Who was the Indian engineer killed in the Iran attack? Dev Nandan Singh, a Mumbai resident and father of two children.
अमेरिकी तेल टैंकर एमटी सेफसी विष्णु पर बुधवार ईरान ने हमला कर दिया। इस हमले में टैंकर पर काम करने वाले एक भारतीय इंजीनियर की जान चली गई है। मृतक की पहचान देव नंदन प्रसाद सिंह के रूप में हुई है। सिंह मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे। लेकिन वो अपने परिवार के साथ मुंबई के कांदिवली में शिप्ट हो गई थे। वो अपने पीछे अपनी पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं। उनकी उम्र 50 साल के आसपास थी। सिंह ने पहले नियोम मैरीटाइम, यूनाइटेड ओशन शिप मैनेजमेंट, बर्नार्ड शुल्टे शिप मैनेजमेंट, सैमसन मैरीटाइम और शिपिंग कॉर्पोरेशन के साथ किया था।
मुंबई: अमेरिकी तेल टैंकर एमटी सेफसी विष्णु पर बुधवार ईरान ने हमला कर दिया। इस हमले में टैंकर पर काम करने वाले एक भारतीय इंजीनियर की जान चली गई है। मृतक की पहचान देव नंदन प्रसाद सिंह के रूप में हुई है। सिंह मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे। लेकिन वो अपने परिवार के साथ मुंबई के कांदिवली में शिप्ट हो गई थे। वो अपने पीछे अपनी पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं। उनकी उम्र 50 साल के आसपास थी। सिंह ने पहले नियोम मैरीटाइम, यूनाइटेड ओशन शिप मैनेजमेंट, बर्नार्ड शुल्टे शिप मैनेजमेंट, सैमसन मैरीटाइम और शिपिंग कॉर्पोरेशन के साथ किया था।
परिवार ने क्या बताया
सिंह के साले डॉ. चंदन कुमार ने कहा कि हमें उनकी मौत के बारे में उनकी कंपनी से पता चला। हालांकि, शिपिंग मंत्रालय ने हमें कुछ भी नहीं बताया है। उनका बेटा जो मुंबई से बाहर रहता है वो शुक्रवार को शहर पहुंचेगा। हम सभी गहरे सदमे में हैं। वहीं भारतीय दूतावास ने कहा कि मृतक क्रू मेंबर के परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है।
कब और कैसे किया हमला
बता दें कि यह हमला इराक के बसरा के खोर अल जुबैर बंदरगाह के पास हुआ। हमला उस समय किया गया जब जहाज से जहाज पर माल लादने का काम किया जा रहा था। शिपिंग महानिदेशालय द्वारा जारी एक प्रेस नोट में इस बात की पुष्टि की गई है। इस टैंकर में लगभग 48,000 मीट्रिक टन नेफ्था लदा था, उससे एक अनजान चीज टकरा गई। शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि एक सफेद रंग की बिना ड्राइवर वाली स्पीडबोट से हमला किया गया। इसमें विस्फोटक लदे थे। जहाज के दाईं ओर से वो उसके पास आई और टकरा गई। इससे जहाज पर भीषण आग लग गई।
27 लोगों को बचाया गया
घटना के बाद, चालक दल के सभी सदस्यों ने जहाज छोड़ दिया और सुरक्षा के लिए पानी में कूद गए। बाद में उन्हें पास में ही काम कर रहे एक STS टग द्वारा बचा लिया गया। इराकी कोस्ट गार्ड ने बाकी बचे 27 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया। इनमें 15 भारतीय और 12 फिलीपीनी नागरिक शामिल हैं। उन्हें सुरक्षित रूप से बसरा बंदरगाह के पास एक छोटे से द्वीप पर पहुंचा दिया गया है। बगदाद में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि11 मार्च, 2026 को, मार्शल आइलैंड्स के झंडे के नीचे चल रहे अमेरिका के कच्चे तेल के टैंकर सेफसी विष्णु पर इराक के बसरा के पास हमला हुआ, जिसमें दुर्भाग्य से एक भारतीय क्रू मेंबर की जान चली गई। बाकी 15 भारतीय क्रू को तब से सुरक्षित जगह पर पहुंचा दिया गया है।


