उन्नाव रेप केस: सुप्रीम कोर्ट ने कुलदीप सेंगर की सजा पर रोक हटाई, बड़ा झटका

Supreme Court Revokes Suspension Of Kuldeep Sengar’s Sentence In High-Profile Unnao Rape Case

उन्नाव रेप केस: सुप्रीम कोर्ट ने कुलदीप सेंगर की सजा पर रोक हटाई, बड़ा झटका
Supreme Court Revokes Suspension Of Kuldeep Sengar’s Sentence In High-Profile Unnao Rape Case

सुप्रीम कोर्ट ने उन्नाव रेप केस में कुलदीप सेंगर की सजा पर लगी रोक रद्द कर दी। पूर्व विधायक को बड़ा कानूनी झटका।

देश को झकझोर देने वाले Unnao rape case मामले में Supreme Court of India ने बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व भाजपा विधायक Kuldeep Singh Sengar की सजा पर लगाई गई रोक को रद्द कर दिया है। अदालत के इस फैसले को सेंगर के लिए बड़ा कानूनी झटका माना जा रहा है।


रिपोर्ट के मुताबिक, कुलदीप सेंगर ने स्वास्थ्य और अन्य आधारों का हवाला देते हुए सजा निलंबित करने की मांग की थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राहत देने से इनकार कर दिया और पहले दिए गए निलंबन आदेश को निरस्त कर दिया।
उन्नाव रेप केस देश के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में से एक रहा है। आरोप था कि 2017 में उन्नाव की एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार किया गया था। पीड़िता और उसके परिवार ने आरोप लगाया था कि आरोपी कुलदीप सेंगर ने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर मामले को दबाने की कोशिश की।

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मामले ने तब राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी थीं जब पीड़िता के परिवार के साथ सड़क हादसा हुआ था और उसके पिता की हिरासत में मौत का आरोप भी सामने आया था। इसके बाद जांच Central Bureau of Investigation को सौंपी गई थी। 2019 में दिल्ली की विशेष अदालत ने कुलदीप सेंगर को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अदालत ने पीड़िता को मुआवजा देने का भी आदेश दिया था।

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सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद अब सेंगर को फिर से जेल में सजा काटनी होगी। अदालत ने कहा कि ऐसे गंभीर अपराधों में न्याय प्रक्रिया और पीड़िता के अधिकारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला गंभीर अपराधों में सजा निलंबन के मामलों के लिए महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है। वहीं महिला अधिकार संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। फिलहाल मामले को लेकर राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

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