ठाणे की 8 झीलों को Wetland दर्जा न मिलने पर CM फडणवीस सख्त, फ्लेमिंगो आवास को लेकर जांच के आदेश
CM Fadnavis takes a strong stance on Thane's eight lakes not receiving wetland status, orders probe into flamingo habitats
ठाणे की 8 झीलों को Wetland दर्जा न मिलने पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जांच के आदेश दिए। फ्लेमिंगो आवास को लेकर बढ़ी चिंता।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने ठाणे जिले की आठ महत्वपूर्ण झीलों को Wetland (आर्द्रभूमि) का दर्जा न दिए जाने के मामले में जांच के आदेश जारी किए हैं। इन झीलों में वे क्षेत्र भी शामिल हैं जिन्हें प्रवासी फ्लेमिंगो पक्षियों का प्राकृतिक आवास माना जाता है। इस फैसले के बाद पर्यावरण संरक्षण और शहरी विकास को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पर्यावरण कार्यकर्ताओं और स्थानीय संगठनों ने आरोप लगाया था कि ठाणे की कई झीलों को जानबूझकर Wetland सूची से बाहर रखा गया। उनका कहना है कि इससे इन संवेदनशील जलाशयों के आसपास निर्माण गतिविधियों और अतिक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। मामले के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
विशेषज्ञों के अनुसार, Wetland का दर्जा मिलने से किसी भी झील या जलाशय को कानूनी संरक्षण प्राप्त होता है। इससे वहां निर्माण, भूमि भराव और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण लगाया जा सकता है। ठाणे की जिन झीलों का मामला सामने आया है, वे जैव विविधता और प्रवासी पक्षियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। खासतौर पर फ्लेमिंगो पक्षियों की बड़ी संख्या हर साल इन क्षेत्रों में देखी जाती है।
पर्यावरणविदों का कहना है कि मुंबई महानगर क्षेत्र में तेजी से हो रहे शहरीकरण के कारण प्राकृतिक जलस्रोतों और मैंग्रोव क्षेत्रों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में Wetland संरक्षण और भी जरूरी हो जाता है क्योंकि ये क्षेत्र बाढ़ नियंत्रण, भूजल संरक्षण और जैव विविधता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह पता लगाया जाएगा कि इन झीलों को Wetland सूची से बाहर रखने के पीछे क्या कारण थे और क्या नियमों का पालन किया गया था या नहीं। यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।
इस मामले ने पर्यावरण संरक्षण बनाम शहरी विकास के मुद्दे को फिर चर्चा में ला दिया है। स्थानीय नागरिक और पर्यावरण समूह अब मांग कर रहे हैं कि सभी संवेदनशील झीलों और फ्लेमिंगो आवास क्षेत्रों को तत्काल कानूनी सुरक्षा प्रदान की जाए।


