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Maharashtra 

लातूर जिले में महिला बच्चों को नहीं भेज सकी इंग्लिश मीडियम स्कूल... बच्ची के साथ कूएं में कूद कर दी जान !

लातूर जिले में महिला बच्चों को नहीं भेज सकी इंग्लिश मीडियम स्कूल... बच्ची के साथ कूएं में कूद कर दी जान ! मध्य महाराष्ट्र के लातूर जिले के निलंगा तहसील के मालेगांव में 26 वर्षीय महिला ने कथित तौर पर अपनी 5 वर्षीय बेटी के साथ कुएं में कूदकर जान दे दी, क्योंकि वह पैसे की कमी के कारण अपने दो बच्चों को सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूल में नहीं भेज पाई थी। बीते बुधवार को औराद शाहजानी पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मौत की रिपोर्ट दर्ज की गई। मृतक की पहचान भाग्यश्री वेंकट हाल्से (26) और समीक्षा वेंकट हाल्से (5) के रूप में हुई है।
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Mumbai 

ठाणे में बच्चों को नमकीन खरीदने के लिए पैसे देने पर 1 व्यक्ति की पिटाई...

ठाणे में बच्चों को नमकीन खरीदने के लिए पैसे देने पर 1 व्यक्ति की पिटाई... ठाणे में बच्चों को नमकीन खरीदने के लिए पैसे देने पर एक व्यक्ति की पिटाई का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में शुक्रवार को दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। यह घटना उस समय हुई जब शिकायतकर्ता भिवंडी इलाके में एक दरगाह जा रहा था। इस दौरान दो बच्चे शिकायतकर्ता के पास आए और उससे नमकीन खरीदने के लिए पैसे मांगे।
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Mumbai 

महाराष्‍ट्र में बच्चों को खुशहाल रखने के लिए हैप्पी सैटरडे उपक्रम होगा लागू...

महाराष्‍ट्र में बच्चों को खुशहाल रखने के लिए हैप्पी सैटरडे उपक्रम होगा लागू... वर्तमान में स्टूडेंट्स को कम उम्र में ही तनाव, अवसाद और चिंता जैसे मानसिक विकारों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में स्कूली जीवन में ही स्टूडेंट्स के लिए मनोरंजक गतिविधियों की जरूरत महसूस की जा रही थी। इसीलिए स्टेट बोर्ड के कक्षा 1 से 8वीं तक के सभी स्कूलों में हैप्पी सैटरडे उपक्रम को लागू करने के लिए प्रस्ताव सरकार के पास लंबित था। 
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Maharashtra 

महाराष्ट्र के नासिक में जान जोखिम में डालकर स्कूल जा रहे बच्चे... इस तरह कर रहे नदी पार

 महाराष्ट्र के नासिक में जान जोखिम में डालकर स्कूल जा रहे बच्चे...  इस तरह कर रहे नदी पार शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा, "यहां लगभग 20,000-25,000 लोग रहते हैं लेकिन बारिश में सभी गांवों का संपर्क टूट जाता है। ऐसी स्थिति में अस्पतालों और तालुका के स्थानों पर जाना मुश्किल हो जाता है। जब एएनआई ने दिखाया कि बच्चों को स्कूल जाने के लिए बड़े-बड़े बर्तनों में नदी पार करनी पड़ती है, बात सरकार तक पहुंची. सीएम एकनाथ शिंदे की सरकार ने कदम उठाया. आने वाले सालों में सभी गांव एक-दूसरे से जुड़ेंगे.''
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