पालघर: रिलीफ हॉस्पिटल हंगामा मामले में आठ आरोपियों का सरेंडर 16 सितंबर तक पुलिस हिरासत
Palghar: Eight accused surrender in Relief Hospital ruckus case, sent to police custody till September 16
रिलीफ हॉस्पिटल में हुए हंगामे के मामले में आठ दिनों से वांछित चल रहे आठ लोगों ने पालघर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। सरेंडर के बाद पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर विशेष हॉलिडे कोर्ट में पेश किया। अदालत ने आत्मसमर्पण करने वाले आरोपियों के साथ पहले पकड़े गए अन्य आरोपियों को भी 16 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
पालघर: रिलीफ हॉस्पिटल में हुए हंगामे के मामले में आठ दिनों से वांछित चल रहे आठ लोगों ने पालघर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। सरेंडर के बाद पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर विशेष हॉलिडे कोर्ट में पेश किया। अदालत ने आत्मसमर्पण करने वाले आरोपियों के साथ पहले पकड़े गए अन्य आरोपियों को भी 16 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
सरेंडर करने वालों में शिवसेना के निलंबित जिला प्रमुख कुंदन सांखे और युवा सेना के निलंबित प्रमुख सायराज पाटिल भी शामिल बताए गए हैं। इनके अलावा मनीष उर्फ विक्की सांखे, राहुल सांखे, ऋषभ वारे, नगरसेवक नीलम सांखे और मनोज घरात के नाम सामने आए हैं। उपलब्ध जानकारी में आठ लोगों के आत्मसमर्पण की बात कही गई है लेकिन नाम केवल सात लोगों के दिए गए हैं। आठवें व्यक्ति के नाम की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
आत्मसमर्पण के बाद पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लिया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद उन्हें पालघर की विशेष हॉलिडे कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट योगेश गजभिये ने मामले में आरोपियों को 16 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। अदालत के आदेश में आत्मसमर्पण करने वाले आठ लोगों के अलावा पहले गिरफ्तार किए गए राहुल घरात और अन्य आरोपी भी शामिल बताए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ और मामले से जुड़े साक्ष्यों को जुटाने के लिए हिरासत मांगी थी। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पुलिस हिरासत मंजूर की।
इस मामले में कुंदन सांखे के चालक को भी गिरफ्तार किया गया है। चालक की गिरफ्तारी के साथ प्रकरण में नामजद अथवा पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या 23 हो गई है। इनमें से 22 आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने की जानकारी दी गई है। शेष एक आरोपी की स्थिति के संबंध में आधिकारिक विवरण सामने आना बाकी है। रिलीफ हॉस्पिटल में हुए हंगामे के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की थी। घटना के बाद कई आरोपी कथित रूप से फरार चल रहे थे। पुलिस की अलग-अलग टीमें उनकी तलाश में संभावित स्थानों पर दबिश दे रही थीं। आठ दिन तक चले तलाशी अभियान के बाद वांछित लोगों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।


