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नवी मुंबई : आपसी विवाद में कत्ल कर फेंक दी थी लाश... नवी मुंबई हत्याकांड में सामने आई कहानी

नवी मुंबई : आपसी विवाद में कत्ल कर फेंक दी थी लाश... नवी मुंबई हत्याकांड में सामने आई कहानी बीते दिनों एक शव मिला था. इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी. शुरू में शव की शिनाख्त नहीं हो पाई तो ये मामला पुलिस के लिए चैलेंजिंग हो गया था. हालांकि पुलिस ने कड़ी से कड़ी मिलाते हुए तफ्तीश की और दो आरोपियों को पकड़ लिया. पुलिस ने जब आरोपियों से पूछताछ की तो पूरी कहानी सामने आ गई.
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ठाणे कोर्ट ने यौन शोषण मामले  बिज़नेसमैन को में अग्रिम जमानत दी

ठाणे कोर्ट ने यौन शोषण मामले  बिज़नेसमैन को में अग्रिम जमानत दी ठाणे की एक सेशन कोर्ट ने एक बिज़नेसमैन को एंटीसिपेटरी बेल दे दी है। उस पर शादी का झांसा देकर एक महिला का कथित तौर पर यौन शोषण करने और बाद में उसकी प्राइवेट तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देने का आरोप है। प्रॉसिक्यूशन के अनुसार, आरोपी योगेश मूंदड़ा ने कथित तौर पर जुलाई 2024 और अगस्त 2025 के बीच शिकायतकर्ता के साथ संबंध बनाए और कथित तौर पर उसके इंटिमेट वीडियो और तस्वीरें रिकॉर्ड कीं।
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मुंबई : प्रवर्तन निदेशालय ने  रिलायंस कम्युनिकेशंस के कथित धोखाधड़ी मामले में 3,034 करोड़ रुपये की संपत्ति ज़ब्त की 

मुंबई : प्रवर्तन निदेशालय ने  रिलायंस कम्युनिकेशंस के कथित धोखाधड़ी मामले में 3,034 करोड़ रुपये की संपत्ति ज़ब्त की  प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि उसने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड बैंक कथित धोखाधड़ी मामले में 3034.90 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है, जिससे रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के मामलों में कुल कुर्की 19,344 करोड़ रुपये से ज़्यादा हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर गठित  एसआईटी रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के मामलों की जांच कर रही है, जिसमें एसबीआई बैंक/पब्लिक फंड के कथित दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है।
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नई दिल्ली : संपत्ति धोखाधड़ी मामले में सिर्फ खरीदारी ही मुकदमे के लिए काफी नहीं: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली : संपत्ति धोखाधड़ी मामले में सिर्फ खरीदारी ही मुकदमे के लिए काफी नहीं: सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के दशकों पुराने एक जाली वसीयत और संपत्ति धोखाधड़ी मामले में आरोपी एक खरीदार के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि विवादित संपत्ति को किसी कीमती चीज के बदले में सिर्फ खरीद लेना, बिना किसी ठोस सबूत के जो दिखाए कि वह जालसाजी या साजिश में शामिल था, उसके खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने का आधार नहीं बन सकता।
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