मुंबई : 'फिसलकर गिरा', फिर दो बार होठों पर किया किस, मुंबई के शख्स को 1 साल की जेल, जानिए पूरा मामला
Mumbai: 'Slipped and fell', then kissed twice on the lips, Mumbai man sentenced to 1 year in jail, know the whole story
सेशंस कोर्ट ने 34 साल के एक क्लीनर को दोषी ठहराते हुए एक साल की कड़ी सजा सुनाई। मुंबई के रहनेवाले क्लीनर पर एक सेल्सवुमन को जबरदस्ती दो बार किस करने का आरोप लगा था। क्लीनर ने दावा किया था कि पिछले साल बोरीवली (पश्चिम) के एक मॉल में हुई यह एक महज घटना था। वह गलती से फिसलकर गिर गया था। उसने कहा था कि गिरने पर स्वाभाविक प्रतिक्रिया के तौर पर ऐसा हुआ, लेकिन कोर्ट ने इस दलील को खारिज कर दिया।
मुंबई : सेशंस कोर्ट ने 34 साल के एक क्लीनर को दोषी ठहराते हुए एक साल की कड़ी सजा सुनाई। मुंबई के रहनेवाले क्लीनर पर एक सेल्सवुमन को जबरदस्ती दो बार किस करने का आरोप लगा था। क्लीनर ने दावा किया था कि पिछले साल बोरीवली (पश्चिम) के एक मॉल में हुई यह एक महज घटना था। वह गलती से फिसलकर गिर गया था। उसने कहा था कि गिरने पर स्वाभाविक प्रतिक्रिया के तौर पर ऐसा हुआ, लेकिन कोर्ट ने इस दलील को खारिज कर दिया।
सिर्फ 2 महीने चले ट्रायल में, बचाव पक्ष की दलीलों को खारिज करते हुए कोर्ट ने रितेश अरमुल्ला को आपराधिक बल का इस्तेमाल करने और साफ तौर पर यौन इरादे से अनचाहा शारीरिक संपर्क बनाने का दोषी पाया।
कोर्ट ने क्या कहा
जज ने कहा कि अगर बहस के लिए यह मान भी लिया जाए कि कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति पर फिसलकर गिर गया, तो स्वाभाविक प्रतिक्रिया उस व्यक्ति को किस करने से अलग होगी जिस पर वह गिरा है।
कोर्ट ने कहा- हरकत जानबूझकर की गई इसके पर्याप्त सबूत
ये अपराध भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 (किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से या यह जानते हुए कि इससे उसकी गरिमा को ठेस पहुंच सकती है, उस पर हमला करना या आपराधिक बल का इस्तेमाल करना) और धारा 75 (यौन उत्पीड़न) के तहत आते हैं।
एडिशनल सेशंस जज पी ए साने ने कहा कि पीड़िता की गवाही भरोसेमंद थी और उस पर अविश्वास करने का कोई कारण नहीं था। जज ने कहा कि रिकॉर्ड में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है कि पीड़िता आरोपी के खिलाफ गवाही क्यों देगी। इसके अलावा, रिकॉर्ड से पता चलता है कि घटना से पहले वह आरोपी को नहीं जानती थी। इसलिए इस बात की कोई संभावना नहीं है कि वह इस मामले में आरोपी को झूठा फंसाएगी।
कोर्ट ने दी यह सजा
आईपीसी की जगह बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) के आने के बाद से यह कुछ मामलों में से एक है जिसमें सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने रितेश अरमुल्ला को धारा 74 के तहत एक साल की कड़ी सजा और 1,000 रुपये का जुर्माना, और धारा 75 के तहत एक साल की साधारण सजा और 500 रुपये का जुर्माना लगाया। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।


