अंधेरी में फर्जी IT Raid का मामला, Income Tax और Crime Branch अधिकारी बनकर ₹1 करोड़ की वसूली की कोशिश; 5 गिरफ्तार
Andheri Police Arrest Five For Posing As I-T And Crime Branch Officials In ₹1 Crore Extortion Bid
मुंबई के अंधेरी में पुलिस ने कथित तौर पर Income Tax Department और Crime Branch के अधिकारी बनकर एक कारोबारी और उसकी पत्नी को अगवा करने, कंपनी में फर्जी छापेमारी करने और ₹1 करोड़ की मांग करने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित पीड़ितों की तलाश कर रही है।
मुंबई के अंधेरी में पुलिस ने कथित तौर पर Income Tax Department और Crime Branch के अधिकारी बनकर एक कारोबारी और उसकी पत्नी को अगवा करने, कंपनी में फर्जी छापेमारी करने और ₹1 करोड़ की मांग करने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित पीड़ितों की तलाश कर रही है।
पुलिस के अनुसार, यह मामला 17 जुलाई को अंधेरी के चकाला स्थित सहार कार्गो एस्टेट में सामने आया। यहां स्थित टू एम ऑप्थोट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड में कुछ लोगों ने खुद को आयकर विभाग और क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर कथित तौर पर फर्जी छापेमारी की। मामले की कार्यप्रणाली फिल्म Special 26 से मिलती-जुलती बताई जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, कंपनी के मालिक राजकुमार कंदासामी को कर्मचारियों ने फोन कर बताया कि उनके कार्यालय में आयकर विभाग की छापेमारी चल रही है। इसके बाद उन्हें तुरंत कार्यालय पहुंचने के लिए कहा गया। आरोप है कि दो लोगों ने कारोबारी और उनकी पत्नी को उनके घर के पास रोका, खुद को आयकर अधिकारी बताया और पहचान पत्र दिखाकर दोनों को एक टैक्सी में बैठाकर कंपनी के कार्यालय ले गए।
आरोपियों ने कथित तौर पर कारोबारी, उनकी पत्नी और कर्मचारियों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए और उनकी आवाजाही पर रोक लगा दी। कर्मचारियों से पूछताछ करने के साथ कंपनी के दस्तावेजों की जांच की गई। पुलिस के अनुसार, एक आरोपी ने कथित तौर पर फर्जी तलाशी वारंट दिखाकर कारोबारी के हस्ताक्षर भी करवाए। यह कथित फर्जी छापेमारी तीन घंटे से अधिक समय तक चली।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कारोबारी को बड़ी रकम के जुर्माने की धमकी दी और मामला आगे नहीं बढ़ाने के बदले कथित तौर पर ₹1 करोड़ की मांग की। आरोपी शाम करीब 8 बजे कंपनी से चले गए। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई और जांच शुरू हुई।
अंधेरी पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल नंबर, डंप डेटा, लोकेशन जानकारी और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों का पता लगाया। पुलिस ने मुंबई, पुणे और नालासोपारा से पांच लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संतोष खोपटकर (37), विनय मोरे (37), प्रेम सबनानी (50), प्रज्ञा एचएम (27) और रेशमा श्यामराव वारंग (41) के रूप में हुई है।
अंधेरी पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल नंबर, डंप डेटा, लोकेशन जानकारी और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों का पता लगाया। पुलिस ने मुंबई, पुणे और नालासोपारा से पांच लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संतोष खोपटकर (37), विनय मोरे (37), प्रेम सबनानी (50), प्रज्ञा एचएम (27) और रेशमा श्यामराव वारंग (41) के रूप में हुई है।
पुलिस अब आरोपियों के पास से फर्जी पहचान पत्र, सरकारी लोगो, रबर स्टांप, लेटरहेड और कथित तलाशी वारंट से जुड़े दस्तावेज बरामद करने की कोशिश कर रही है। जब्त किए गए मोबाइल फोन की भी जांच की जा रही है, जिसमें कॉल, व्हाट्सऐप चैट और वित्तीय लेन-देन की जानकारी खंगाली जा रही है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह ने इससे पहले अन्य कारोबारियों को भी निशाना बनाया था। आयकर विभाग से जुड़े किसी व्यक्ति की कथित संलिप्तता के दावों की भी स्वतंत्र रूप से जांच की जा रही है और इस संबंध में फिलहाल कोई निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।


