मुंबई: विपक्ष के साथ शिवसेना-BJP के निशाने पर मेयर रितु तावड़े, 6 महीने के कार्यकाल में इन विवादों ने बढ़ाई टेंशन
Mumbai: Mayor Ritu Tawde is under attack from the opposition, Shiv Sena and BJP; these controversies have increased tension during her six-month tenure.
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई की मेयर रितु तावड़े अक्सर सुर्खियों में रहती है। जब से वो मेयर बनी तब से कोई न कोई विवाद उनके साथ जुड़ता रहा है। इसी के चलते उन्हें विपक्ष के साथ-साथ अपनों से ही विरोध का सामना करना पड़ रहा है। विपक्ष के अलावा उन्हें बीएमसी प्रशासन, अपनी ही पार्टी के सदस्यों और यहां तक कि सत्तारूढ़ महायुति के सहयोगियों से भी टकराव का सामना करना पड़ रहा है। इसी के चलते उन्होंने हाल ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की है। उन्होंने सीएम मुलाकात कर बीएमसी प्रशासन में बदलाव की मांग की है।
मुंबई: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई की मेयर रितु तावड़े अक्सर सुर्खियों में रहती है। जब से वो मेयर बनी तब से कोई न कोई विवाद उनके साथ जुड़ता रहा है। इसी के चलते उन्हें विपक्ष के साथ-साथ अपनों से ही विरोध का सामना करना पड़ रहा है। विपक्ष के अलावा उन्हें बीएमसी प्रशासन, अपनी ही पार्टी के सदस्यों और यहां तक कि सत्तारूढ़ महायुति के सहयोगियों से भी टकराव का सामना करना पड़ रहा है। इसी के चलते उन्होंने हाल ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की है। उन्होंने सीएम मुलाकात कर बीएमसी प्रशासन में बदलाव की मांग की है।
बता दें कि रितु तावड़े पहले कांग्रेस में थीं, लेकिन 2012 में बीजेपी में शामिल हुईं और घाटकोपर में अपना राजनीतिक आधार मजबूत किया। कई बार पार्षद रह चुकी तावड़े बीएमसी की शिक्षा समिति से भी जुड़ी रहीं और पार्टी में मुखर एवं आक्रामक स्थानीय नेता के रूप में उभरीं। इस साल मेयर बनने के साथ ही तावड़े ने मुंबई की सत्ता में एक बड़े बदलाव का चेहरा बनने की शुरुआत की। बीजेपी ने चार दशक से अधिक समय बाद मेयर पद पर वापसी की और शिवसेना के लंबे कब्जे को खत्म किया। हालांकि उनके मेयर कार्यकाल के 6 महीने के भीतर तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है। क्योंकि विवाद उनका पीछा नहीं छोड़ रहे, आइए जानते हैं उनसे जुड़े विवाद की लिस्ट।
मेयर बनते ही विवादों में घिरीं
कार्यभार संभालने के तुरंत बाद तावड़े विवादों में घिर गईं। सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि वह एक करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत की लग्जरी रोलेक्स घड़ी पहनती हैं। तावड़े ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि घड़ी माइकल कॉर्स की है और उनके बच्चों ने उन्हें उपहार में दी थी। मार्च में उनकी आधिकारिक कार और एस्कॉर्ट वाहन पर लाल-नीली फ्लैशर लाइट लगाए जाने को लेकर विवाद हुआ। तस्वीरें सामने आने के बाद आलोचना हुई और बीएमसी ने नियमों का हवाला देते हुए इन लाइटों को हटा दिया।
गले की बीमारी ठीक होने वाला विवाद
अप्रैल में बोरीवली में महावीर जयंती कार्यक्रम के दौरान उनके एक बयान पर भी विवाद हुआ। तावड़े ने एक धार्मिक नेता के आशीर्वाद और प्रार्थना के बाद पुरानी गले की बीमारी से उबरने की बात कही थी। इस पर अंधविश्वास को बढ़ावा देने के आरोप लगे। बाद में तावड़े ने कहा कि उनके बयान को गलत समझा गया। पिछले सप्ताह भी पुलिस ने ऐसे मानहानिकारक यूट्यूब वीडियो के मामले में एफआईआर दर्ज की, जिनमें एक फोटोग्राफी शिक्षक को झूठा तरीके से मेयर का पति बताया गया था।
बंगले को लेकर विवाद
अगस्त में मेयर कार्यालय से जुड़े नागरिक खर्च को लेकर बड़ा विवाद सामने आया। बीएमसी ने भायखला चिड़ियाघर स्थित मेयर के आधिकारिक विरासत आवास के आसपास क्षेत्र के उन्नयन और बुनियादी ढांचे के लिए करीब 2.9 करोड़ रुपये के काम का प्रस्ताव रखा। यह प्रस्ताव इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि कुछ महीने पहले मेयर के आवास के नवीनीकरण पर करीब 2.4 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। तावड़े ने इस प्रस्ताव से खुद को अलग करते हुए कहा कि उन्होंने न तो यह काम मांगा था और न ही बीएमसी प्रशासन से इसे कराने को कहा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि टेंडर बंगले के नवीनीकरण से संबंधित नहीं था। बाद में उन्होंने बीएमसी से टेंडर वापस लेने को कहा, जिसके बाद इसे रद्द कर दिया गया। उनका कहना था कि उनकी जानकारी के बिना कई प्रस्तावों को उनके नाम से जोड़ा जा रहा है।


