कल्याण में बच्चों ने Shadu Clay से बनाए Eco-Friendly गणेश, Ganeshotsav से पहले दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
Kalyan Children Craft Eco-Friendly Ganesh Idols From Shadu Clay Ahead Of Ganeshotsav
गणेशोत्सव से पहले कल्याण में बच्चों ने पारंपरिक Shadu Clay से अपने हाथों से Eco-Friendly गणेश प्रतिमाएं बनाईं। विशेष Workshop में बच्चों ने मूर्ति निर्माण की कला सीखने के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
गणेशोत्सव की तैयारियों के बीच कल्याण में बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण का अनोखा संदेश दिया। बच्चों ने एक विशेष Workshop में पारंपरिक Shadu Clay से भगवान गणेश की Eco-Friendly प्रतिमाएं अपने हाथों से तैयार कीं। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को गणेशोत्सव की परंपरा से जोड़ने के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति उनकी जिम्मेदारी को भी समझाना था।
बच्चों ने खुद तैयार की गणेश प्रतिमा
इस विशेष Workshop में बच्चों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और Shadu Clay को आकार देकर गणेश प्रतिमाएं बनाना सीखा। बच्चों को प्रतिमा निर्माण की अलग-अलग तकनीकों के बारे में जानकारी दी गई और उन्हें अपनी रचनात्मकता के अनुसार प्रतिमाएं तैयार करने का अवसर मिला।
Workshop का आयोजन Shri Tisai Pratishthan Kalyan और Deep Arts की ओर से किया गया। कार्यक्रम का मार्गदर्शन Artist Deepali Pandey ने किया। उन्होंने बच्चों को गणेश प्रतिमा बनाने की प्रक्रिया के साथ पर्यावरण के अनुकूल तरीके अपनाने के महत्व के बारे में भी बताया।
Eco-Friendly Ganeshotsav का संदेश
कार्यक्रम के जरिए बच्चों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी ध्यान रखा जा सकता है। Shadu Clay से बनी प्रतिमाएं पर्यावरण के अनुकूल विकल्प के तौर पर देखी जाती हैं और गणेशोत्सव के दौरान Eco-Friendly celebrations को बढ़ावा देने में मदद करती हैं।
Workshop में बच्चों की सक्रिय भागीदारी ने इस पहल को खास बनाया। अपने हाथों से गणेश प्रतिमा तैयार करने के अनुभव के साथ बच्चों ने कला, परंपरा और पर्यावरण संरक्षण के बीच संबंध को भी समझा।
MLA ने बच्चों का बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम में स्थानीय विधायक Sulabha Ganpat Gaikwad भी शामिल हुईं। उन्होंने बच्चों की रचनात्मकता की सराहना की और उन्हें प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागी बच्चों को Certificates भी वितरित किए गए।
Ganeshotsav से पहले आयोजित इस Workshop ने बच्चों को केवल गणेश प्रतिमा बनाने की कला ही नहीं सिखाई, बल्कि पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी दिया। इस तरह की पहल आने वाली पीढ़ी को परंपरा के साथ Sustainable और Eco-Friendly तरीके से त्योहार मनाने के लिए प्रेरित कर सकती है।


