मुंबई: गणेशोत्सव पर कोंकण के लिए विशेष बसें

Mumbai: Special buses to Konkan for Ganeshotsav

मुंबई: गणेशोत्सव पर कोंकण के लिए विशेष बसें

महाराष्ट्र में भगवान गणेश के स्वागत की तैयारियों के साथ ही मुंबई, ठाणे और पालघर से कोंकण जाने वाले यात्रियों की भागदौड़ तेज हो गई है। सोमवार, 14 सितंबर को गणेशोत्सव की शुरुआत को देखते हुए हजारों कोंकणवासी अपने पैतृक गांवों तक पहुंचने की तैयारी में जुट गए हैं। इस बार त्योहार से पहले दूसरे शनिवार और रविवार के कारण लंबा वीकेंड मिलने से शुक्रवार दोपहर से ही यात्रियों की भीड़ बढ़ने की संभावना है। 

मुंबई: महाराष्ट्र में भगवान गणेश के स्वागत की तैयारियों के साथ ही मुंबई, ठाणे और पालघर से कोंकण जाने वाले यात्रियों की भागदौड़ तेज हो गई है। सोमवार, 14 सितंबर को गणेशोत्सव की शुरुआत को देखते हुए हजारों कोंकणवासी अपने पैतृक गांवों तक पहुंचने की तैयारी में जुट गए हैं। इस बार त्योहार से पहले दूसरे शनिवार और रविवार के कारण लंबा वीकेंड मिलने से शुक्रवार दोपहर से ही यात्रियों की भीड़ बढ़ने की संभावना है। 

 

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मुंबई महानगर क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे लोग रहते हैं जिनका मूल निवास कोंकण के अलग-अलग जिलों और गांवों में है। इनमें नौकरीपेशा लोगों की संख्या भी काफी अधिक है। गणेशोत्सव के दौरान ये लोग परिवार के साथ अपने गांव जाकर भगवान गणेश की पूजा-अर्चना और पारंपरिक उत्सव में शामिल होते हैं। यही कारण है कि हर साल गणेशोत्सव से पहले मुंबई और आसपास के इलाकों से कोंकण जाने वाले मार्गों पर यात्रियों का दबाव काफी बढ़ जाता है।

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इस बार भी यात्रा की तैयारियां काफी पहले शुरू हो गई थीं। महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम ने कोंकण जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए बसों की व्यवस्था की है। खास तौर पर नौकरीपेशा लोगों यानी 'चाकरमानियों' की यात्रा को आसान बनाने के लिए निगम ने बुकिंग की प्रक्रिया काफी पहले शुरू कर दी थी। जानकारी के मुताबिक 40 यात्रियों तक के समूहों के लिए ग्रुप बुकिंग करीब डेढ़ महीने पहले शुरू कर दी गई थी। वहीं व्यक्तिगत यात्रियों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन टिकट बुकिंग दो महीने पहले ही शुरू हो गई थी। इससे यात्रियों को अपनी यात्रा पहले से तय करने और सीट सुरक्षित करने का मौका मिला।

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गणेशोत्सव कोंकण क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में शामिल है। मुंबई, ठाणे और पालघर जैसे शहरों में काम करने वाले हजारों लोग हर वर्ष इस अवसर पर अपने गांव लौटते हैं। कई परिवारों में गणपति स्थापना की वर्षों पुरानी परंपरा है और परिवार के सदस्य चाहे देश के किसी भी हिस्से में रहते हों, त्योहार पर गांव पहुंचने की कोशिश करते हैं। इस बार लंबा वीकेंड यात्रियों के लिए अतिरिक्त राहत लेकर आया है। दूसरे शनिवार और रविवार के बाद सोमवार को गणेशोत्सव होने के कारण नौकरीपेशा लोगों को यात्रा की योजना बनाने के लिए अपेक्षाकृत बेहतर अवसर मिल रहा है। ऐसे में शुक्रवार दोपहर या शाम से ही बड़ी संख्या में लोगों के कोंकण की ओर रवाना होने की संभावना है।

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यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सड़क परिवहन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। रेलवे के साथ-साथ एमएसआरटीसी की बसें भी कोंकण जाने वाले लोगों के लिए प्रमुख साधन हैं। खासकर उन गांवों और क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए बस सेवा महत्वपूर्ण होती है जहां सीधी रेल सुविधा उपलब्ध नहीं है। ग्रुप बुकिंग की सुविधा से सोसायटी, स्थानीय संगठन, मित्र समूह या एक ही गांव के लोग सामूहिक रूप से बस की व्यवस्था कर सकते हैं। बड़ी संख्या में कोंकणवासी मुंबई महानगर क्षेत्र में एक ही इलाके में रहते हैं और त्योहार के दौरान समूह में अपने गांव लौटते हैं। ऐसे यात्रियों के लिए ग्रुप बुकिंग सुविधाजनक विकल्प बनती है। वहीं व्यक्तिगत बुकिंग की सुविधा उन यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है जो परिवार या अकेले यात्रा कर रहे हैं।

ऑनलाइन बुकिंग के जरिए यात्रियों को टिकट काउंटर पर लंबी कतार से बचने का विकल्प मिलता है, जबकि ऑफलाइन व्यवस्था उन लोगों के लिए उपलब्ध है जो सीधे काउंटर से टिकट लेना चाहते हैं। त्योहार के नजदीक आने के साथ टिकटों की मांग बढ़ने की संभावना है। इसलिए बड़ी संख्या में यात्रियों ने पहले ही अपनी सीट सुरक्षित कर ली है। अंतिम दिनों में यात्रा की योजना बनाने वालों को उपलब्ध सीटों और बस सेवाओं पर निर्भर रहना पड़ सकता है। गणेशोत्सव के दौरान कोंकण की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर वाहनों की संख्या अचानक बढ़ जाती है।