दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर मध्य प्रदेश में फिर पत्थरबाजी, दो दिन में कई गाड़ियों को बनाया निशाना
Stone pelting continues in Madhya Pradesh on Delhi-Mumbai Expressway, several vehicles targeted in two days
दिल्ली-मुंबई एटलेन एक्सप्रेस-वे पर पत्थरबाजी का खतरा फिर सिर उठाने लगा है। सोमवार रात झाबुआ से रतलाम लौट रहे रोटरी इंटरनेशनल मंडल डिस्ट्रिक्ट 3040 के गवर्नर संस्कार कोठारी की कार पर बदमाशों ने माही नदी की पुलिया के पास बड़ा पत्थर फेंका। पत्थर सामने के कांच पर ड्राइवर की दूसरी ओर लगा और कांच चकनाचूर होकर कोठारी के ऊपर तथा कार के भीतर बिखर गया।
रतलाम: दिल्ली-मुंबई एटलेन एक्सप्रेस-वे पर पत्थरबाजी का खतरा फिर सिर उठाने लगा है। सोमवार रात झाबुआ से रतलाम लौट रहे रोटरी इंटरनेशनल मंडल डिस्ट्रिक्ट 3040 के गवर्नर संस्कार कोठारी की कार पर बदमाशों ने माही नदी की पुलिया के पास बड़ा पत्थर फेंका। पत्थर सामने के कांच पर ड्राइवर की दूसरी ओर लगा और कांच चकनाचूर होकर कोठारी के ऊपर तथा कार के भीतर बिखर गया।
गनीमत रही कि चालक ने कार रोकी नहीं, वरना तेज रफ्तार एक्सप्रेस-वे पर बड़ा हादसा हो सकता था। इसी दौरान तीन अन्य कारों पर भी पत्थर फेंके गए। घटना थांदला से करीब 15 किलोमीटर रतलाम की ओर, माही नदी की पुलिया के पास रेस्ट एरिया के नजदीक हुई।
कोठारी के अलावा तीन अन्य कारों पर भी बदमाशों ने पत्थर बरसाए। सभी ने टोल बूथ पर आकर विरोध दर्ज कराया। पुलिस को नाइट विजन ड्रोन उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन कुछ माह से ड्रोन से निगरानी बंद कर दी गई है।
कोठारी सोमवार शाम करीब 5 बजे रोटरी के काम से फोर्ड एमजे कार (एमपी 09 डब्ल्यूएच 5373) से झाबुआ गए थे। रात करीब 11 से 12 बजे के बीच रतलाम लौटते समय अचानक जोरदार आवाज हुई और पत्थर कांच पर आकर लगा। कार ड्राइवर विजय सिंह राठौर ने कार रोकने के बजाय गति बनाए रखते हुए सीधे धामनोद टोल पहुंचाया।
रास्ते में 1033 पर कॉल कर घटना की जानकारी दी गई, जहां से 112 पर सूचना देने को कहा गया। इसके बाद 112 पर भी सूचना दी। धामनोद टोल पहुंचने पर कोठारी ने एटलेन के अधिकारियों को घटना बताई। पुलिस और एक्सप्रेस-वे अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने शिकायत दर्ज की, जबकि पुलिस ने औद्योगिक क्षेत्र थाने में लिखित आवेदन देने को कहा। रात अधिक होने के कारण कोठारी मंगलवार सुबह औद्योगिक क्षेत्र थाने पहुंचे और शिकायत दी।
लगातार हो रही वारदात
दो दिन पहले थांदला की ओर से रतलाम आ रही एक कार पर भी इसी क्षेत्र में पत्थरबाजी हुई थी। इसके अलावा रतलाम से थांदला की ओर जा रही दो-तीन कारों पर पत्थर फेंके गए, जिनके चालक थांदला में उतर गए। लगातार हो रही घटनाओं से वाहन चालकों में भय है। बदमाश झाबुआ-रतलाम सीमा पर पहाड़ियों से नीचे सड़क पर पत्थर फेंक रहे हैं और नीचे माही नदी बहती है। रतलाम पुलिस झाबुआ पुलिस से भी संपर्क कर रही है।
एक्सप्रेस-वे सुविधा के लिए या खतरे के लिए
कोठारी ने रात में टोल पर विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि पत्थर लगने के बाद कार नहीं रोकने से बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने सवाल उठाया कि एक्सप्रेस-वे लोगों की सुविधा और सुरक्षित सफर के लिए बनाया गया है या वाहन चालकों को नुकसान और लूटपाट के खतरे के लिए। घटना के बाद अब भी मन में डर बना हुआ है। एटलेन पर पहले भी पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
इन्हें रोकने के लिए ड्रोन से निगरानी भी शुरू की गई थी, लेकिन इसके बावजूद घटनाएं थम नहीं रही हैं। रेस्ट एरिया और माही नदी की पुलिया के आसपास सुरक्षा व्यवस्था, पर्याप्त रोशनी, सीसीटीवी निगरानी और नियमित पेट्रोलिंग की जरूरत है।वाहन चालक भारी टोल चुकाकर सुरक्षित सफर की उम्मीद करते हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं सुरक्षा के दावों को कटघरे में खड़ा कर रही हैं। 25 किमी के अंतराल पर मेंटनेंस कंपनी की गश्त रहती है, लेकिन बावजूद इसके पत्थरबाजी रूक नहीं रही है।
कोठारी के अलावा तीन अन्य कारों पर भी बदमाशों ने पत्थर बरसाए। सभी ने टोल बूथ पर आकर विरोध दर्ज कराया। पुलिस को नाइट विजन ड्रोन उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन कुछ माह से ड्रोन से निगरानी बंद कर दी गई है।


