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Maharashtra 

मुंबई: सूचना के अधिकार नियमों पर रोक का स्वागत, अन्ना हजारे ने अनशन टाला लेकिन वापसी की मांग जारी

मुंबई: सूचना के अधिकार नियमों पर रोक का स्वागत, अन्ना हजारे ने अनशन टाला लेकिन वापसी की मांग जारी  सूचना के अधिकार से जुड़े प्रस्तावित नए नियमों पर राज्य सरकार द्वारा रोक लगाए जाने के फैसले का सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने स्वागत किया है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए इन प्रस्तावित गाइडलाइंस को पूरी तरह वापस लिया जाना चाहिए।
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Mumbai 

मुंबई में कागजों पर सिमटा प्लास्टिक बैन, धड़ल्ले से हो रहा इस्तेमाल; सर्वे में हुआ खुलासा

मुंबई में कागजों पर सिमटा प्लास्टिक बैन, धड़ल्ले से हो रहा इस्तेमाल; सर्वे में हुआ खुलासा मुंबई में सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगे तीन साल से ज्यादा समय हो चुका है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। एक हालिया सर्वे के मुताबिक, शहर के 85% हिस्सों में अब भी प्रतिबंधित प्लास्टिक का इस्तेमाल या बिक्री जारी है। इससे साफ है कि नियम तो बने हैं, लेकिन उनका पालन पूरी तरह से नहीं हो पा रहा।
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Mumbai 

मुंबई : मुलुंड मेट्रो हादसा : वेल्डर की सरगर्मी से तलाश जारी

मुंबई : मुलुंड मेट्रो हादसा : वेल्डर की सरगर्मी से तलाश जारी मुलुंड में हुए मेट्रो हादसे मामले में पुलिस ने वेल्डर की सरगर्मी से तलाश जारी कर दी है। फरार वेल्डर को पकड़ने के लिए पुलिस उत्तर प्रदेश के अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। हादसे के आरोप में पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने उस वेल्डर की तलाश शुरू कर दी है, जिस पर १४ फरवरी को मुलुंड में मेट्रो ४ पैरापेट की दीवार गिरने से कुछ देर पहले एक जरूरी इंटरलॉकिंग हुक काटने का आरोप है। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और तीन अन्य घायल हो गए थे।
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National 

दिल्ली : मौखिक टिप्पणियों को सनसनीखेज बनाने पर हाईकोर्ट ने लगाई मीडिया को फटकार, कहा- ऐसा रहा तो बातचीत बंद कर देंगे  

दिल्ली : मौखिक टिप्पणियों को सनसनीखेज बनाने पर हाईकोर्ट ने लगाई मीडिया को फटकार, कहा- ऐसा रहा तो बातचीत बंद कर देंगे   दिल्ली हाइकोर्ट ने न्यूज़लॉन्ड्री की पत्रकार मनीषा पांडे से जुड़ी मौखिक टिप्पणियों को तोड़-मरोड़कर पेश करने और सनसनीखेज सुर्खियां बनाने पर कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म्स के प्रति कड़ी नाराज़गी जताई। हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसकी टिप्पणियों को संदर्भ से अलग कर पेश किया गया जिससे पत्रकार के खिलाफ नफरत भरे संदेश फैलाए गए। जस्टिस सी. हरि शंकर ने कहा कि अदालत का मनीषा पांडे के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई करने का कोई इरादा नहीं था, लेकिन अदालत की टिप्पणी को अलग पोस्टर के रूप में सोशल मीडिया पर फैलाया गया, जिसके बाद उनके खिलाफ हजारों नफरत भरे संदेश आए।
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