मुंबई: एमएसआरटीसी का राजस्व बढ़ाने के लिए सरकार सख्त, अधिकारियों को एक महीने का अल्टीमेटम
Mumbai: Government tough on increasing MSRTC revenue, gives one month ultimatum to officials
सरकार ने घाटे में चल रही महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए सख्त रुख अपनाया है। राज्य के परिवहन मंत्री और एमएसआरटीसी के अध्यक्ष प्रताप सरनाइक ने निगम के अधिकारियों को एक महीने के भीतर राजस्व बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि तय अवधि में अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मुंबई : सरकार ने घाटे में चल रही महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए सख्त रुख अपनाया है। राज्य के परिवहन मंत्री और एमएसआरटीसी के अध्यक्ष प्रताप सरनाइक ने निगम के अधिकारियों को एक महीने के भीतर राजस्व बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि तय अवधि में अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रताप सरनाइक ने अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में कहा कि निगम की आय बढ़ाना अब सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अगले एक महीने के भीतर राजस्व में सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं और इसका परिणाम भी दिखाई देना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि केवल योजनाएं बनाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन की भी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। सरकार का मानना है कि एमएसआरटीसी की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से अधिकारियों के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा की जाएगी। जिन अधिकारियों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया जाएगा या जो निर्धारित राजस्व लक्ष्य हासिल नहीं कर पाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
सरनाइक ने स्पष्ट किया कि राजस्व लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले अधिकारियों को निलंबन, तबादला या पदावनति जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि निगम की वित्तीय चुनौतियों से निपटने के लिए प्रत्येक अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभानी होगी। एमएसआरटीसी राज्य के लाखों यात्रियों को रोजाना परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराती है। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन का यह प्रमुख माध्यम है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों से निगम वित्तीय दबाव का सामना कर रहा है। आय और खर्च के बीच बढ़ते अंतर को कम करने के लिए सरकार लगातार सुधारात्मक कदम उठाने की कोशिश कर रही है।
बैठक में अधिकारियों को टिकट बिक्री बढ़ाने, बसों के बेहतर संचालन, समयबद्ध सेवाएं सुनिश्चित करने और उपलब्ध संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग करने पर जोर देने के निर्देश दिए गए। साथ ही आय बढ़ाने के नए उपाय तलाशने और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखने के लिए भी कहा गया। सरकार का मानना है कि यदि विभिन्न स्तरों पर बेहतर प्रबंधन और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए तो निगम की आय में उल्लेखनीय सुधार संभव है। इसी वजह से विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट लक्ष्य दिए गए हैं और उनकी प्रगति की नियमित निगरानी की जाएगी।


