राम मंदिर दान घोटाला: चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा, ट्रस्ट ने कहा- 'भक्तों का दान पूरी तरह सुरक्षित'
Ram Mandir donation scam: Champat Rai and Anil Mishra resign; Trust says devotees' donations are completely safe.
अयोध्या के राम मंदिर में दान और चढ़ावे की कथित हेराफेरी (Donation Theft Row) के विवाद के बीच, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। ट्रस्ट ने उनके इस्तीफे की पुष्टि करते हुए कहा है कि वह हालिया घटनाओं से 'स्तब्ध और दुखी' है। साथ ही, ट्रस्ट ने रामभक्तों को भरोसा दिलाया है कि उनका दान और आभूषण पूरी तरह सुरक्षित हैं और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी।
अयोध्या/नई दिल्ली: अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दान के पैसों की कथित हेराफेरी (Ram Mandir Donation Embezzlement Case) के मामले में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मामले की चल रही जांच और भारी दबाव के बीच, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय (Champat Rai) और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा (Anil Mishra) ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।
शनिवार (27 जून) को ट्रस्ट ने एक आधिकारिक बयान जारी कर दोनों पदाधिकारियों के इस्तीफे प्राप्त होने की पुष्टि की और पूरे मामले में निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।
नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए दिया इस्तीफा
सूत्रों के अनुसार, चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस पूरे विवाद को लेकर 'नैतिक जिम्मेदारी' (Moral Grounds) लेते हुए अपने पद छोड़े हैं। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज द्वारा जारी किए गए आधिकारिक बयान में कहा गया है कि, "श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा प्राप्त हो गया है। ट्रस्ट अपनी अगली बैठक में इन इस्तीफों पर विचार कर अंतिम निर्णय लेगा।"
'हम स्तब्ध, आहत और दुखी हैं'
दान में चोरी के आरोपों पर अपनी पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया देते हुए ट्रस्ट ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
बयान में कहा गया, "हाल के दिनों में श्री राम मंदिर में जो घटनाएं सामने आई हैं, उससे हम स्तब्ध, गहरे आहत और बेहद दुखी हैं। सभी रामभक्तों और भगवान की सेवा करने वाले रामसेवकों के प्रतिनिधि के रूप में, हम एक निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और भक्तों का विश्वास बहाल करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।"
रामभक्तों को दिया सुरक्षा का भरोसा
इस विवाद के सामने आने के बाद देश भर के श्रद्धालुओं में अपने दान को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं। इसे दूर करते हुए ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि दान की गई कीमती वस्तुएं पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
ट्रस्ट ने कहा, "हम उन सभी भक्तों को आश्वस्त करते हैं जिन्होंने व्यक्तिगत रूप से ट्रस्ट के अधिकारियों को भगवान राम के लिए चांदी की ईंटें, सोने के आभूषण और अन्य कीमती वस्तुएं सौंपी थीं, वे सभी चीजें सुरक्षित हैं और उनका पूरा हिसाब-किताब रखा गया है।"
SIT की जांच और 8 लोगों की गिरफ्तारी
गौरतलब है कि दान पेटियों (Hundis) से नकदी की कथित चोरी के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट और ट्रस्ट की शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। हाल ही में इस मामले में मंदिर में नकदी और आभूषण गिनने की प्रक्रिया से जुड़े 8 कर्मचारियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
इस घटना के बाद से समाजवादी पार्टी (SP) और आम आदमी पार्टी (AAP) सहित कई विपक्षी दल लगातार ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग कर रहे थे।


