मुंबई समेत पूरे राज्य में शांति के साथ मनाया गया मुहर्रम
Muharram was celebrated peacefully across the state, including Mumbai.
मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में शुक्रवार को मुहर्रम (आशूरा) श्रद्धा, शांति और गंभीर माहौल के बीच मनाया गया। राज्य के बड़े शहरों और ग्रामीण इलाकों में लोगों ने धार्मिक परंपराओं का पालन किया। मुहर्रम के अवसर पर महाराष्ट्र में सरकारी अवकाश रहा। इस कारण पूरे राज्य में व्यावसायिक गतिविधियां काफी हद तक बंद रहीं। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में कारोबार नहीं हुआ।
मुंबई: मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में शुक्रवार को मुहर्रम (आशूरा) श्रद्धा, शांति और गंभीर माहौल के बीच मनाया गया। राज्य के बड़े शहरों और ग्रामीण इलाकों में लोगों ने धार्मिक परंपराओं का पालन किया। मुहर्रम के अवसर पर महाराष्ट्र में सरकारी अवकाश रहा। इस कारण पूरे राज्य में व्यावसायिक गतिविधियां काफी हद तक बंद रहीं। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में कारोबार नहीं हुआ।
राज्यभर में बैंकों की शाखाएं भी बंद रहीं। इसके साथ ही चौथे शनिवार और रविवार की छुट्टी होने से बैंक कर्मचारियों के लिए लगातार तीन दिन का अवकाश हो गया। मुंबई, ठाणे, पुणे और नागपुर सहित पूरे राज्य में सरकारी कार्यालय, नगर निगम, स्कूल और कॉलेज भी बंद रहे। शिया समुदाय ने इस दिन को पूरी श्रद्धा और शोक के साथ मनाया। दक्षिण मुंबई के भिंडी बाजार, डोंगरी और क्रॉफर्ड मार्केट जैसे इलाकों में तय मार्गों पर पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाले गए।
काले कपड़े पहने लोगों ने कर्बला की लड़ाई में इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मजलिस में हिस्सा लिया। वहीं, सुन्नी समुदाय के लोगों ने कई जगह रोजा रखा, मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की और जरूरतमंदों की मदद की। स्थानीय परंपरा के अनुसार, जुलूस के रास्तों पर कई जगहों पर सबील लगाई गई, जहां लोगों को पानी, दूध और मीठा शरबत बांटा गया। दोपहर और शाम को निकलने वाले जुलूसों को देखते हुए मुंबई पुलिस और पुणे तथा छत्रपति संभाजीनगर ( औरंगाबाद) सहित कई शहरों की ट्रैफिक पुलिस ने पहले से ही यातायात में बदलाव किए थे। पुलिस की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए, ताकि जुलूस शांतिपूर्वक संपन्न हो सकें और आपातकालीन सेवाओं तथा सार्वजनिक परिवहन पर कोई असर न पड़े।


