मुंबई में गहराया जल संकट: BMC ने स्विमिंग पूल और कंस्ट्रक्शन साइट्स का पानी रोका, कमर्शियल इस्तेमाल में 20% कटौती
Mumbai's water crisis deepens: BMC cuts water supply to swimming pools and construction sites, cuts commercial use by 20%
मुंबई में गहराते जल संकट के बीच बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने एक कड़ा कदम उठाया है। शहर में पहले से लागू 10 प्रतिशत की पानी कटौती के साथ-साथ, अब बुधवार से स्विमिंग पूल और निर्माण स्थलों (Construction Sites) की जल आपूर्ति पूरी तरह से रोक दी गई है। इसके अलावा व्यावसायिक और औद्योगिक प्रतिष्ठानों के पानी में भी 20 प्रतिशत की कटौती लागू कर दी गई है।
मुंबई: मुंबई में पानी की कमी की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। शहर को पीने का पानी सप्लाई करने वाली सात प्रमुख झीलों का जलस्तर तेजी से गिर रहा है। इस जल संकट से निपटने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने कड़े कदम उठाते हुए बुधवार से शहर के सभी स्विमिंग पूल और निर्माणाधीन कंस्ट्रक्शन साइट्स की जल आपूर्ति को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है।
व्यावसायिक और औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर भी असर
शहर में पानी की स्थिति की समीक्षा करने के लिए पालिका आयुक्त अश्विनी भिडे की अध्यक्षता में एक विशेष बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 15 मई से पूरे मुंबई में लागू 10 प्रतिशत पानी कटौती के अतिरिक्त, अब सभी औद्योगिक (Industrial) और व्यावसायिक (Commercial) प्रतिष्ठानों के लिए 20 प्रतिशत पानी की कटौती की जाएगी। राज्य सरकार के जल संसाधन विभाग के निर्देशों के अनुसार, बीएमसी के जल इंजीनियरिंग विभाग ने इन नए प्रतिबंधों को लेकर आधिकारिक परिपत्रक भी जारी कर दिया है।
झीलों में बचा है सिर्फ 10.35% पानी
महानगरपालिका के आंकड़ों के अनुसार, बारिश में देरी और बढ़ती गर्मी के कारण झीलों का जलस्तर चिंताजनक स्थिति में पहुंच गया है। 16 जून तक मुंबई को पानी सप्लाई करने वाली झीलों में केवल 10.35 प्रतिशत ही उपयोगी जलसाठा शेष था। ऐसे में अगर मानसून और लेट होता है, तो मुंबईकरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
पानी बचाने की अपील
बीएमसी प्रशासन ने शहर के नागरिकों और बड़े संस्थानों से पानी का बहुत सोच-समझकर और संयम से इस्तेमाल करने की अपील की है। लोगों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे गैर-पीने योग्य कार्यों (जैसे गाड़ियां धोने, बागवानी या साफ-सफाई) के लिए पीने के पानी की बर्बादी न करें। बड़े संस्थानों से कहा गया है कि वे इन कार्यों के लिए ट्रीटेड सीवेज (Treated Sewage) या बोरवेल के पानी का ही उपयोग करें।


