एल नीनो के कारण मुंबई में मानसून लेट, 10% पानी कटौती के बाद BMC का एक और बड़ा फैसला
Mumbai's monsoon is delayed due to El Nino, and after imposing a 10% water cut, the BMC has taken another major decision.
एल नीनो (El Nino) के कारण मानसून में हो रही देरी और मुंबई को पानी सप्लाई करने वाली झीलों का जलस्तर तेजी से गिरने के बाद बीएमसी (BMC) ने एक और बड़ा फैसला लिया है। शहर में लागू 10 प्रतिशत की पानी कटौती के साथ-साथ अब कंस्ट्रक्शन साइट्स और स्विमिंग पूल की पानी सप्लाई पूरी तरह से रोक दी गई है, जबकि व्यावसायिक व औद्योगिक इस्तेमाल के लिए 20% की अतिरिक्त कटौती की गई है।
मुंबई: एल नीनो (El Nino) के प्रभाव के कारण मुंबई और आसपास के इलाकों में इस साल मानसून के पहुंचने में काफी देरी हो रही है, जिसने शहर के सामने एक गंभीर जल संकट खड़ा कर दिया है। मुंबई को पीने का पानी सप्लाई करने वाली सात प्रमुख झीलों का कुल जलस्तर गिरकर मात्र 10 से 12 प्रतिशत के बीच रह गया है। 15 मई से ही शहर में 10 प्रतिशत पानी कटौती झेल रहे मुंबईकरों के लिए बृहनमुंबई महानगर पालिका (BMC) ने जल संरक्षण के मद्देनजर एक और कड़ा और बड़ा फैसला लिया है।
कंस्ट्रक्शन साइट्स और स्विमिंग पूल का पानी रोका गया
झीलों के सूखते जलस्तर को बचाने और पीने के पानी को प्राथमिकता देने के लिए बीएमसी ने फैसला किया है कि शहर में चल रहे सभी नए और मौजूदा निर्माण (Construction) स्थलों की पानी सप्लाई तुरंत प्रभाव से काट दी जाएगी। इसके साथ ही, स्विमिंग पूल को दी जाने वाली पानी की आपूर्ति भी पूरी तरह से निलंबित कर दी गई है। प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि जब तक अच्छी बारिश नहीं होती और झीलों का जलस्तर नहीं सुधरता, तब तक किसी भी नए कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट को पानी का कनेक्शन नहीं दिया जाएगा।
कमर्शियल और औद्योगिक सप्लाई में 20% की कटौती
बीएमसी ने औद्योगिक (Industrial) और व्यावसायिक (Commercial) प्रतिष्ठानों, जिनमें स्पोर्ट्स क्लब और मॉल आदि शामिल हैं, की पानी आपूर्ति में 20 प्रतिशत की कटौती लागू की है। इसके अतिरिक्त, बोतलबंद पानी और बेवरेज बनाने वाली कंपनियों को भी अब केवल वहां काम करने वाले कर्मचारियों के पीने की जरूरत जितना ही पानी सप्लाई किया जाएगा।
बीएमसी की नागरिकों और बड़े संस्थानों से अपील
महानगर पालिका ने रेलवे, इंडियन नेवी, बीपीसीएल (BPCL) और मुंबई पोर्ट जैसे बड़े सरकारी व गैर-सरकारी संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि वे गैर-पीने योग्य कार्यों (जैसे साफ-सफाई और गाड़ियां धोने) के लिए ट्रीटेड (Treated) सीवेज पानी या बोरवेल के पानी का ही इस्तेमाल करें।
बीएमसी ने मुंबई के नागरिकों से भी घबराने की बजाय समझदारी दिखाने की अपील की है। प्रशासन ने अनुरोध किया है कि लोग पानी का संयम से इस्तेमाल करें, नलों को खुला न छोड़ें और गाड़ियां धोने के लिए पाइप की जगह गीले कपड़े का उपयोग करें। यदि कोई व्यक्ति या संस्था पीने के पानी की बर्बादी करते हुए पाई गई, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


