'ऑपरेशन टाइगर': उद्धव ठाकरे को लगेगा बड़ा झटका, शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं 6 शिवसेना (UBT) सांसद
'Operation Tiger': Uddhav Thackeray faces a major setback as six Shiv Sena (UBT) MPs may join the Shinde faction.
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, 'ऑपरेशन टाइगर' (Operation Tiger) के तहत उद्धव ठाकरे गुट (Shiv Sena UBT) के 6 सांसद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खेमे में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। अगर ऐसा होता है, तो यह उद्धव ठाकरे के लिए एक बहुत बड़ा राजनीतिक झटका साबित होगा।
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में उठापटक और दल-बदल का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना अब उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) को एक और बड़ा और निर्णायक झटका देने की तैयारी में है। ताजा रिपोर्ट्स और सूत्रों के अनुसार, शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसद 'ऑपरेशन टाइगर' (Operation Tiger) के तहत पाला बदलने वाले हैं और जल्द ही एकनाथ शिंदे गुट को अपना समर्थन दे सकते हैं।
क्या है 'ऑपरेशन टाइगर'?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा जोरों पर है कि शिंदे गुट ने उद्धव ठाकरे के बचे हुए खेमे को पूरी तरह से कमजोर करने के लिए 'ऑपरेशन टाइगर' नाम से एक खास रणनीति बनाई है। इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य उद्धव के वफादार सांसदों और प्रमुख नेताओं को शिंदे गुट में शामिल करना है। बताया जा रहा है कि शिवसेना (UBT) के ये 6 सांसद पिछले कुछ समय से शिंदे गुट के शीर्ष नेताओं के सीधे संपर्क में हैं और जल्द ही आधिकारिक तौर पर सत्ता पक्ष के साथ आ सकते हैं।
उद्धव ठाकरे के लिए विनाशकारी झटका
एकनाथ शिंदे की ऐतिहासिक बगावत के बाद उद्धव ठाकरे पहले ही अपनी सत्ता, असली शिवसेना का नाम और चुनाव चिह्न (तीर-कमान) खो चुके हैं। अब अगर उनके 6 सांसद भी उनका साथ छोड़ देते हैं, तो यह उनके और उनके समर्थकों के लिए एक विनाशकारी झटका होगा। इससे न केवल संसद में उद्धव गुट की ताकत घटेगी, बल्कि आगामी चुनावों से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल भी बुरी तरह टूट सकता है।
असुरक्षा और गुपचुप बैठकों का दौर
हालांकि अभी तक पाला बदलने वाले इन 6 सांसदों के नामों का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों का दावा है कि पर्दे के पीछे बैठकों का दौर जारी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उद्धव गुट के कई नेता अपने राजनीतिक भविष्य और विकास कार्यों के फंड को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, जिसके चलते वे सत्ताधारी दल के साथ जाने का मन बना रहे हैं।
आने वाले कुछ दिनों में महाराष्ट्र की सियासत में कौन से नए समीकरण बनते हैं, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा। फिलहाल, इस खबर ने उद्धव खेमे में भारी बेचैनी और हलचल पैदा कर दी है।


