मुंबई में ऐप-आधारित कैब कंपनियों को टक्कर देने आ रही 'देवाभाऊ टैक्सी', 3,000 युवाओं को मिलेंगे परमिट

'Devabhau Taxi' is coming to Mumbai to compete with app-based cab companies, 3,000 youth will get permits.

मुंबई में ऐप-आधारित कैब कंपनियों को टक्कर देने आ रही 'देवाभाऊ टैक्सी', 3,000 युवाओं को मिलेंगे परमिट

मुंबई और एमएमआर (MMR) क्षेत्र में ऐप-आधारित कैब कंपनियों की मनमानी और बढ़ते किराये (Surge Pricing) से आम जनता को राहत दिलाने के लिए जल्द ही सहकारिता के आधार पर 'देवाभाऊ सहकार टैक्सी' सेवा शुरू की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी योजना के पहले चरण में 3,000 युवाओं को टैक्सी परमिट दिए जाएंगे, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और यात्रियों को किफायती सफर की सुविधा मिलेगी।

मुंबई: मुंबई और एमएमआर (MMR) इलाके में सफर करने वाले यात्रियों और टैक्सी चालकों दोनों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। निजी ऐप-आधारित कैब कंपनियों द्वारा वसूले जाने वाले भारी कमीशन और मनमाने किराये से निजात दिलाने के लिए सरकार जल्द ही 'देवाभाऊ सहकार टैक्सी' और 'छावा टैक्सी' ऐप सेवा शुरू करने जा रही है।

​इस योजना का मुख्य उद्देश्य मुंबईकरों को सस्ता और सुरक्षित सफर मुहैया कराना और वाहन चालकों को बिना किसी कॉर्पोरेट कमीशन के उनकी मेहनत का सीधा मुनाफा पहुंचाना है।

Read More महाराष्ट्र में गुटखा कारोबार पर FDA की बड़ी कार्रवाई, 32 गिरफ्तार; 26 प्रतिष्ठान सील

​योजना के प्रमुख बिंदु और रोजगार के अवसर

  • 3,000 युवाओं को मिलेंगे परमिट: योजना के पहले चरण के तहत शुरुआत में कम से कम 3,000 युवाओं को टैक्सी उपलब्ध कराकर उन्हें 'देवाभाऊ टैक्सी सर्विस' के नाम से परमिट दिए जाएंगे।
  • रोजगार का सृजन: इन 3,000 टैक्सियों के सड़क पर उतरने से अनुमान है कि 6,000 से 9,000 युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
  • "हमारी टैक्सी, हमारा मालिकाना हक": इस योजना का मुख्य नारा यही रखा गया है, जिसका अर्थ है कि चालक अपनी गाड़ी के खुद मालिक होंगे और उन्हें किसी कंपनी को अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा कमीशन के तौर पर नहीं देना होगा।
  • 'भारत टैक्सी' की तर्ज पर: दिल्ली में सहकारिता मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए सफल 'भारत टैक्सी' मॉडल की तर्ज पर ही महाराष्ट्र में यह नया सहकारी प्रयोग किया जा रहा है।

​सरकार का समर्थन और वित्तीय सहायता

​इस परियोजना को राज्य सरकार के शीर्ष स्तर से हरी झंडी मिल चुकी है। परिवहन विभाग द्वारा इसके लिए आवश्यक नीतियां और नियम तय किए जा चुके हैं।

Read More मुंबई के लाइसेंसधारी फेरीवालों को मिलेंगे QR कोड आईडी कार्ड, निगरानी व्यवस्था होगी मजबूत

​योजना के तहत पात्र युवाओं को सहकारी बैंकों के जरिए वाहन खरीदने के लिए आसान दरों पर लोन (Loan) मुहैया कराया जाएगा। इसके अलावा, लाभार्थियों पर ब्याज का बोझ कम करने के लिए अन्नासाहेब पाटिल आर्थिक विकास निगम, ओबीसी निगम और अन्य राज्य विकास निगमों के माध्यम से ब्याज वापसी (Interest Reimbursement) की सब्सिडी भी दी जाएगी।

Read More ₹370 बिरयानी विवाद पर मुंबई पुलिस की मजेदार एंट्री, सोशल मीडिया पोस्ट हुई वायरल

​एयरपोर्ट और होटलों के साथ गठजोड़ की तैयारी

​इस नई टैक्सी सेवा को शुरुआत से ही मजबूती देने और चालकों को नियमित सवारियां सुनिश्चित करने के लिए एयरपोर्ट प्रबंधन, कई बड़ी संस्थाओं और पांच सितारा होटलों के साथ गठजोड़ (Tie-up) की बातचीत अंतिम चरण में है।

Read More एमआईडीसी पुलिस ने सुलझाया 60 लाख की ज्वेलरी चोरी का फर्जी मामला, कर्मचारी गिरफ्तार

​जहां एक ओर इस योजना से हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है, वहीं विपक्षी दल इस योजना में सहकारी बैंकों के पैसे के इस्तेमाल और लोन आवंटन में पूरी पारदर्शिता बरतने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, आम मुंबईकरों को अब इस बात का बेसब्री से इंतजार है कि यह सस्ती टैक्सी सेवा आधिकारिक रूप से सड़कों पर कब उतरेगी।

Sabri Human Welfare Foundation Ngo

Latest News

हाई कोर्ट से राहत के बावजूद बांद्रा के गरीब नगर के 100 परिवारों का हाल बेहाल, अभी भी कर रहे नए घर का इंतजार हाई कोर्ट से राहत के बावजूद बांद्रा के गरीब नगर के 100 परिवारों का हाल बेहाल, अभी भी कर रहे नए घर का इंतजार
मुंबई में गहराया जल संकट: BMC ने स्विमिंग पूल और कंस्ट्रक्शन साइट्स का पानी रोका, कमर्शियल इस्तेमाल में 20% कटौती
​'महाराष्ट्र और बंगाल के बाद अब यूपी की बारी', ओपी राजभर का दावा- समाजवादी पार्टी में जल्द होगी बड़ी टूट
मुंबई में ऐप-आधारित कैब कंपनियों को टक्कर देने आ रही 'देवाभाऊ टैक्सी', 3,000 युवाओं को मिलेंगे परमिट
धारावी पुनर्विकास परियोजना: 2028 तक बनकर तैयार हो जाएंगे पहले 10,000 घर, निवासियों को मिलेगी बड़ी राहत
​'ऑपरेशन टाइगर': दिल्ली में शिंदे से मिले उद्धव गुट के 6 सांसद! फूट के डर से अरविंद सावंत ने लोकसभा स्पीकर को लिखा पत्र