ऐरोली–कलवा रेल कॉरिडोर का 45% काम पूरा, 436 परिवारों के पुनर्वास में अटका प्रोजेक्ट

45% of Airoli-Kalwa rail corridor work completed, project stuck due to rehabilitation of 436 families

ऐरोली–कलवा रेल कॉरिडोर का 45% काम पूरा, 436 परिवारों के पुनर्वास में अटका प्रोजेक्ट

मुंबई का बहुप्रतीक्षित ऐरोली–कलवा एलिवेटेड रेल कॉरिडोर 45% पूरा हो चुका है, लेकिन 436 परिवारों के पुनर्वास में देरी के कारण परियोजना की रफ्तार प्रभावित हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि पुनर्वास प्रक्रिया पूरी होते ही काम तेज किया जाएगा, जिससे ठाणे और नवी मुंबई के बीच यात्रा अधिक सुगम हो सकेगी।


मुंबई और नवी मुंबई के बीच कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए बनाए जा रहे ऐरोली–कलवा एलिवेटेड रेल कॉरिडोर का लगभग 45% काम पूरा हो चुका है। ₹476 करोड़ की लागत वाले इस महत्वपूर्ण रेल प्रोजेक्ट का उद्देश्य सेंट्रल रेलवे और ट्रांस-हार्बर रेलवे नेटवर्क को जोड़ना है, जिससे लाखों यात्रियों को तेज और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा। 

हालांकि, परियोजना की सबसे बड़ी चुनौती अभी भी 436 प्रभावित परिवारों का पुनर्वास बनी हुई है। अधिकारियों के अनुसार, भोलानगर क्षेत्र के 350 परिवारों का सर्वे और पुनर्वास पूरा कर लिया गया है तथा वहां की झोपड़ियों को हटाकर जमीन परियोजना के लिए उपलब्ध करा दी गई है। लेकिन शिवाजी नगर क्षेत्र में 436 परिवारों के पुनर्वास को लेकर विरोध जारी है, जिससे परियोजना की गति प्रभावित हो रही है। 

इस परियोजना के तहत ठाणे के बालकुम क्षेत्र में पुनर्वास के लिए 868 आवास निर्धारित किए गए हैं। अब तक 82 प्रभावित परिवारों का पुनर्वास पूरा किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियां पुनर्वास प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के प्रयास कर रही हैं। 

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास प्रक्रिया पूरी होने के बाद परियोजना को लगभग 36 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह कॉरिडोर शुरू होने के बाद ठाणे, कल्याण और नवी मुंबई के बीच यात्रा को काफी आसान बनाएगा तथा ठाणे स्टेशन पर भीड़ कम करने में मदद करेगा।