मुंबई पुलिस की बड़ी कार्रवाई, पश्चिम बंगाल से फर्जी एपीके फाइलों से साइबर ठगी करने वाला शातिर गिरफ्तार
Mumbai Police arrests cyber fraudster from West Bengal using fake APK files
मुंबई की डीबी मार्ग पुलिस ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली एपीके (एंड्रॉइड पैकेज किट) फाइलों के जरिए अंतरराज्यीय साइबर अपराध करने वाले आरोपी को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया। आरोपी ने महानगर गैस के नाम पर नकली एपीके फाइल के जरिए लोगों से लगभग 63 करोड़ रुपए की ठगी की। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के पास से 10 मोबाइल, 1 लैपटॉप, 7 सिम कार्ड, 4 क्रेडिट/डेबिट कार्ड, 37,200 लोगों की बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी के डेटाबेस आदि जब्त किए हैं।
मुंबई: मुंबई की डीबी मार्ग पुलिस ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली एपीके (एंड्रॉइड पैकेज किट) फाइलों के जरिए अंतरराज्यीय साइबर अपराध करने वाले आरोपी को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया। आरोपी ने महानगर गैस के नाम पर नकली एपीके फाइल के जरिए लोगों से लगभग 63 करोड़ रुपए की ठगी की। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के पास से 10 मोबाइल, 1 लैपटॉप, 7 सिम कार्ड, 4 क्रेडिट/डेबिट कार्ड, 37,200 लोगों की बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी के डेटाबेस आदि जब्त किए हैं।
मुंबई की डीबी मार्ग पुलिस ने यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की, जहां शिकायत मिली थी कि महानगर गैस लिमिटेड के नाम से नकली मैसेज भेजकर महानगर गैस की नकली एपीके फाइल इंस्टॉल करने के लिए मजबूर किया गया। शिकायतकर्ता ने बताया कि इस नकली एपीके फाइल के जरिए मोबाइल में मौजूद बैंकिंग की गोपनीय जानकारी चोरी करके 70,500 रुपए की आर्थिक धोखाधड़ी की गई। पुलिस ने इस मामले में बीएनएस और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की, जिसके आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। वहीं, पुलिस की ओर से मामले से जुड़ी आगे की जांच और कार्रवाई जारी है।
बता दें कि साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई का एक दूसरा मामला मंगलवार को नई दिल्ली से सामने आया, जहां संगठित साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए दिल्ली पुलिस के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के साइबर पुलिस स्टेशन ने एक 'म्यूल अकाउंट सिंडिकेट' का भंडाफोड़ किया। यह गिरोह देश और विदेश में सक्रिय साइबर अपराधियों को कंपनियों के बैंक खाते उपलब्ध कराता था, जिनका इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी और दूसरे साइबर अपराधों में किया जाता था।
यह रैकेट पिछले तीन-चार वर्ष से सक्रिय था। इस दौरान देशभर में ठगी से जुड़े सैकड़ों बैंक खातों के जरिए 70 करोड़ रुपए से अधिक के लेन-देन में अपराधियों की मदद की गई। इस कार्रवाई में गिरोह के छह मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। इनमें सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक का एक ब्रांच मैनेजर भी शामिल है। इसके अलावा, इंडसइंड बैंक से जुड़े चार अधिकारियों और सहयोगियों को भी पकड़ा गया और मुचलका भरवाया गया। इन पर 'नो योर कस्टमर' (केवाईसी) नियमों की अनदेखी कर फर्जी बैंक खाते खुलवाने में मदद करने का आरोप है। जांच के दौरान पुलिस ने 248 बैंक अकाउंट किट, 38 सिम कार्ड, 22 मोबाइल, 28 फर्जी कंपनियों की रबर स्टैंप, 55 डेबिट और क्रेडिट कार्ड, 1 लाख रुपए नकद और एक कार बरामद की।


