फेक APK फाइल के जरिए 63 करोड़ रुपये की अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी का भंडाफोड़: डॉ. डी.बी. मार्ग पुलिस ने झारखंड से आरोपी को किया गिरफ्तार
Inter-state cyber fraud of Rs 63 crore using fake APK files busted: Dr. DB Marg Police arrests accused from Jharkhand
मुंबई की डॉ. डी.बी. मार्ग पुलिस ने महानगर गैस के नाम पर फर्जी APK ऐप से ठगी करने वाले झारखंड के 26 वर्षीय डेवलपर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के जरिए बेचे गए 91 फेक ऐप्स से देश भर में 63.69 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है।
मुंबई: पुलिस उप आयुक्त (दक्षिण परिमंडल-2) के मार्गदर्शन में डॉ. दादासाहेब भड़कमकर (डी.बी.) मार्ग पुलिस स्टेशन ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने फर्जी APK फाइल डेवलप करने वाले 26 वर्षीय आरोपी को झारखंड और पश्चिम बंगाल में पीछा कर गिरफ्तार किया है। आरोपी ने फर्जी ऐप्स के जरिए देश भर में आम जनता से ₹63.69 करोड़ से अधिक की साइबर ठगी को अंजाम दिया है।
मामले का विवरण
डॉ. डी.बी. मार्ग पुलिस स्टेशन में एक पीड़ित शिकायतकर्ता ने मामला दर्ज कराया था कि उन्हें 'महानगर गैस लिमिटेड' (MGL) के नाम से फर्जी मैसेज भेजकर फेक APK फाइल इंस्टॉल करने के लिए कहा गया। जैसे ही पीड़ित ने ऐप इंस्टॉल किया, आरोपी ने मोबाइल की गोपनीय बैंकिंग जानकारी चुराकर ₹70,500 की धोखाधड़ी कर ली। इस शिकायत पर पुलिस ने बीएनएस (BNS) की धारा 318(4), 319(2) और आईटी एक्ट की धारा 66(c), 66(d) के तहत मुकदमा (गु.र.क्र. 1003/2026) दर्ज किया था।
तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस टीम ने झारखंड से 26 वर्षीय छात्र (निवासी- झारखंड) को गिरफ्तार किया, जो इस पूरे नेटवर्क के लिए फर्जी APK ऐप्स डेवलप कर रहा था।
बरामदगी और चौंकाने वाले खुलासे:
- जब्त सामान: आरोपी के पास से 10 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 7 सिम कार्ड, 4 क्रेडिट/डेबिट कार्ड और 967 APK फाइलें बरामद की गईं।
- 3.72 लाख लोगों का डेटा लीक: आरोपी के पास से 3,72,000 नागरिकों की संवेदनशील बैंकिंग जानकारी का डेटाबेस भी मिला है।
- 91 ऐप्स की बिक्री: जांच में पता चला कि आरोपी ने खुद बनाए 91 फर्जी APK ऐप्स अन्य साइबर अपराधियों को बेचे थे।
- 63.69 करोड़ की ठगी: इन 91 ऐप्स के जरिए देश भर में 2,913 लोगों (जिसमें मुंबई व महाराष्ट्र के 512 नागरिक शामिल हैं) से कुल ₹63,69,68,174/- (तिरेसठ करोड़ उनहत्तर लाख अड़सठ हजार एक सौ चौहत्तर रुपये) की ठगी की गई है।
पुलिस टीम
यह कार्रवाई मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, सह पुलिस आयुक्त मनोज कुमार शर्मा (कानून व व्यवस्था), अपर पुलिस आयुक्त शैलेश बलकवडे, पुलिस उप आयुक्त रागसुधा आर. और सहायक पुलिस आयुक्त ज्ञानेश्वर वाघ के मार्गदर्शन में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक नितिन दलवी, पो.नि. युवराज पाटिल, सपोनि धनवेश पाटिल, सपोनि अभिजित देशमुख, पोउपनि किरण देवरे, पो.ह. आनंद गावडे, पो.शि. दादासाहेब घोडके, आतिश वाघमारे और जगदेव की टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दी।


