"हम जीत गए!": धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP प्रमुख अभिजीत दीपके की पहली प्रतिक्रिया
"We won!": CJP chief Abhijit Dipak's first reaction after Dharmendra Pradhan's resignation
NEET विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने इसे छात्र शक्ति की बड़ी जीत बताया। हालांकि, उन्होंने आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ मुआवजा देने और पुलिस कार्रवाई पर सख्त कदम उठाने की 2 नई मांगें रखी हैं।
नई दिल्ली: NEET-UG परीक्षा धांधली और शिक्षा सुधारों को लेकर लगातार 36 दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन के बाद शनिवार, 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस्तीफा सौंपे जाने पर आंदोलन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने इसे छात्र शक्ति की ऐतिहासिक जीत करार दिया है।
जंतर-मंतर पर समर्थकों और छात्रों के साथ जश्न मनाते हुए CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके का प्रतिक्रिया वीडियो सामने आया है, जिसमें वे कहते दिख रहे हैं:
"हम जीत गए! (We have done it.) धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। यह साबित करता है कि लोकतंत्र में अगर आप डरते नहीं हैं और झुकते नहीं हैं, तो किसी का भी इस्तीफा लिया जा सकता है।"
जश्न के बीच 2 नई मांगें और चेतावनी
इस्तीफे की घोषणा के तुरंत बाद जंतर-मंतर पर छात्रों ने ढोल-नगाड़ों और नारों के साथ जश्न मनाया, हालांकि अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने सरकार के समक्ष 2 नई मांगें रखीं:
- पीड़ित परिवारों को मुआवजा: NEET धांधली के तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले सभी छात्रों के परिवारों को ₹1-1 करोड़ की क्षतिपूर्ति दी जाए।
- पुलिसिया कार्रवाई पर एक्शन: 20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर बल प्रयोग व लाठीचार्ज करने वाले पुलिस अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और दर्ज केस वापस लिए जाएं।


