महाराष्ट्र : किसानों की लड़ाई लड़ेंगे शरद पवार: सूखा राहत की मांग को लेकर महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों का करेंगे दौरा
Maharashtra: Sharad Pawar to champion the farmers' cause; will tour various districts of Maharashtra to demand drought relief.
एनसीपी शरद पवार गुट के एक नेता ने कहा कि विदर्भ, मराठवाड़ा और उत्तर महाराष्ट्र के ज्यादातर जिलों में किसान सूखे का सामना कर रहे हैं। सरकार 5 अक्टूबर के बाद सर्वे शुरू करेगी तब तक किसानों का सब कुछ समाप्त हो जायेगा। सरकार सिर्फ जुबानी और कागजी कार्यवाही करके कोटा पूरा करना चाहती है जबकि किसानों तत्काल आर्थिक मदद की जरूरत है।
मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के साथ देश के कृषि मंत्री का दायित्व संभाल चुके शरद पवार किसानों को सूखा राहत दिलाने के लिए खुद मैदान में उतरेंगे। कम बारिश की वजह से सूखे जैसी स्थिति का सामना कर रहे किसानों का हाल जानने के लिए एनसीपी प्रमुख शरद पवार 28 सितंबर से सूखाग्रस्त इलाकों का दौरा शुरू करेंगे।
एनसीपी शरद पवार गुट के एक नेता ने कहा कि विदर्भ, मराठवाड़ा और उत्तर महाराष्ट्र के ज्यादातर जिलों में किसान सूखे का सामना कर रहे हैं। सरकार 5 अक्टूबर के बाद सर्वे शुरू करेगी तब तक किसानों का सब कुछ समाप्त हो जायेगा। सरकार सिर्फ जुबानी और कागजी कार्यवाही करके कोटा पूरा करना चाहती है जबकि किसानों तत्काल आर्थिक मदद की जरूरत है।
शरद पवार 85 साल के हैं। रोहित पवार ने यह ऐसे वक्त पर किया जब कांग्रेस पहले ही अल्टीमेटम दे चुकी है कि सरकार किसानों को आर्थिक मदद दे नहीं तो राज्य में मंत्री घूम नहीं पाएंगे। किसानों का सूखे से बुरा हाल है, ज्यादातर जिलों में खरीफ की फसल बर्बाद हो गई है, खाद और बीज खेतों में डाल के बावजूद किसानों के हाथ खाली हैं ऐसे में किसानों को तत्काल आर्थिक मदद दिया जाए और इन जिलों को सूखाग्रस्त घोषित की जाए। राज्य के 36 जिलों में से 19 पूरी तरह से सूखाग्रस्त हैं। पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री ने इससे पहले देवेंद्र फडणवीस सरकार को पत्र लिख कर सूखाग्रस्त किसानों को प्रतिहेक्टेयर 50 हजार रुपये देने की मांग की थी।
एनसीपी शरद पवार गुट के ही विधायक रोहित पवार ने रविवार से मराठवाड़ा के सूखाग्रस्त जिलों का दौरा शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि सरकार जल्द से जल्द किसानों को आर्थिक मदद मुहैया कराए, नहीं तो वह सड़कों पर उतर कर आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की फसल बारिश न होने के कारण बर्बाद हो गई है। किसान परेशान है जबकि सरकार खानापूर्ति के लिए 5 अक्टूबर का इंतजार कर रही है।
महाराष्ट्र में कम बारिश की वजह से राज्य के कई जिले सूखे की चपेट में हैं। इस पर राजनीति भी शुरू हो गई है। विपक्षी कांग्रेस, एनसीपी शरद पवार गुट और उद्धव ठाकरे की शिवसेना लगातार किसानों को तत्काल आर्थिक मदद देने की मांग कर रही है। जबकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि 5 अक्टूबर से सूखाग्रस्त जिलों का सर्वे शुरू किया जाएगा। उसके बाद आर्थिक पैकेज की घोषणा की जाएगी। इस दौरान उन्होंने सभी पालक मंत्रियों को अपने अपने जिले की रिपोर्ट देने को कहा है।


