पिंपरी-चिंचवड़ मनपा में ₹60.18 करोड़ के भुगतान पर सवाल... 14 उपसूचनाओं की दोबारा होगी जांच !
Questions raised over ₹60.18 crore payment by Pimpri-Chinchwad Municipal Corporation... 14 sub-proposals to undergo re-examination!
महानगरपालिका के बजट प्रावधानों में बढ़ोतरी कटौती के लिए दी गई 14 उपसूचनाओं को जांच समिति ने नियमों के विपरीत और अवैध बताया है। स्थायी समिति तथा आमसभा की मंजूरी के बिना ही इन उपसूचनाओं के आधार पर विभिन्न कार्यों के बिलों का भुगतान ठेकेदारों को कर दिया गया। मामले को लेकर स्थायी समिति सभापति अभिषेक बारणे ने 8 अप्रैल को आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी से शिकायत की थी।
पिंपरी-चिंचवड़ : पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका के वर्ष 2025-26 के बजट में नियमों को दरकिनार कर 14 उपसूचनाओं के माध्यम से बढ़ोतरी कटौती करते हुए ठेकेदारों को किए गए 60 करोड़ 18 लाख रुपये के भुगतान का मामला फिर सामने आया है। इन भुगतानों को छह महीने बाद कार्योत्तर मंजूरी देने के लिए प्रशासन की ओर से स्थायी समिति के समक्ष प्रस्ताव रखा गया था। हालांकि, सदस्यों की आपत्तियों के बाद स्थायी समिति ने प्रस्ताव स्थगित कर दिया और संबंधित सभी कार्यों की दोबारा जांच कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए।
महानगरपालिका के बजट प्रावधानों में बढ़ोतरी कटौती के लिए दी गई 14 उपसूचनाओं को जांच समिति ने नियमों के विपरीत और अवैध बताया है। स्थायी समिति तथा आमसभा की मंजूरी के बिना ही इन उपसूचनाओं के आधार पर विभिन्न कार्यों के बिलों का भुगतान ठेकेदारों को कर दिया गया। मामले को लेकर स्थायी समिति सभापति अभिषेक बारणे ने 8 अप्रैल को आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी से शिकायत की थी।
इसके बाद भुगतान किए गए कार्यों की जांच के लिए समिति गठित की गई थी। जांच समिति ने क्या निष्कर्ष निकाला, इसकी विस्तृत जानकारी प्रशासन की ओर से स्थायी समिति के सामने नहीं रखी गई। इसी बीच लेखा विभाग ने भुगतान किए गए बिलों को कार्योत्तर मंजूरी देने का प्रस्ताव रखा। हालांकि देखा गया कि बिना मंजूरी ही भुगतान कर दिया है।
जांच रिपोर्ट उचित पाए जाने के बाद ही प्रस्ताव को मंजूरी देकर पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका सभा के समक्ष भेजा जाएगा। स्थायी समिति के सभापति अभिषेक बारणे ने कहा कि प्रत्येक कार्य की दोबारा जांच करने के आदेश दिए गए है। वास्तव में काम हुआ है तो ही बिल पर विचार किया जाएगा। रिपोर्ट उचित पाए जाने पर प्रस्ताव को मंजूरी देकर उसे महानगरपालिका सभा के समक्ष भेजा जाएगा।


