मुंबई : हाईवे के ऊपर दौड़ेगी बुलेट ट्रेन! मुंबई-हैदराबाद रूट पर बनेगा नया स्टेशन, बारामती, सोलापुर समेत 10 शहर होंगे कवर
Mumbai: Bullet train to run over highway! New station to be built on Mumbai-Hyderabad route, covering 10 cities including Baramati and Solapur
मुंबई-पुणे-हैदराबाद हाई-स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) परियोजना में 10 रेलवे स्टेशन बनाए जा रहे हैं. इस परियोजना को लेकर नया अपडेट आया है. जिसमें एक प्रमुख रेलवे स्टेशन पुणे के पास लोनी में नेशनल हाईवे-65 के ठीक ऊपर बनाया जाएगा. यानि बुलेट ट्रेन अब हाईवे के ठीक ऊपर से गुजरेगी. इस परियोजना से 14 घंटे का सफर महज 2 घंटे 55 मिनट में पूरा हो जाएगा. इस प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद 2 बड़े राज्य महाराष्ट्र और तेलंगाना के बीच की दूरी मिनटों में सिमट जाएगी. इस प्रोजेक्ट में नवी मुंबई, बारामती, सोलापुर जैसे 10 बड़े शहरों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी.
मुंबई : मुंबई-पुणे-हैदराबाद हाई-स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) परियोजना में 10 रेलवे स्टेशन बनाए जा रहे हैं. इस परियोजना को लेकर नया अपडेट आया है. जिसमें एक प्रमुख रेलवे स्टेशन पुणे के पास लोनी में नेशनल हाईवे-65 के ठीक ऊपर बनाया जाएगा. यानि बुलेट ट्रेन अब हाईवे के ठीक ऊपर से गुजरेगी. इस परियोजना से 14 घंटे का सफर महज 2 घंटे 55 मिनट में पूरा हो जाएगा. इस प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद 2 बड़े राज्य महाराष्ट्र और तेलंगाना के बीच की दूरी मिनटों में सिमट जाएगी. इस प्रोजेक्ट में नवी मुंबई, बारामती, सोलापुर जैसे 10 बड़े शहरों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी.
पुणे में बनेगा नया स्टेशन
मुंबई-पुणे-हैदराबाद हाई-स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) प्रोजेक्ट को लेकर नया अपडेट आया है. जिसमें मुंबई-पुणे-हैदराबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का एक स्टेशन पुणे के लोनी के पास NH65 के ठीक ऊपर होगा. इस प्रोजेक्ट के पूरे होने से ट्रेन एक तरह के हाईवे के ठीक ऊपर से निकलेगी. इसके अलावा आने वाला हडपसर-यवत एलिवेटेड कॉरिडोर और मुंबई-पुणे-हैदराबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट लोनी में एक-दूसरे को क्रॉस करेंगे.
10 शहर होंगे कवर
नवी मुंबई
लोन वला
पिंपरी-चिंचवड़
पुणे (लोनी)
बारामती
पंढरपुर
सोलापुर
कलबुर्गी
विकाराबाद
हैदराबाद
मुंबई से हैदराबाद 3 घंटे में पहुंचेंगे
मुंबई से हैदराबाद के ट्रेन सफर में फिलहाल 12 से 14 घंटे का समय लगता है. इस बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के चालू होने के बाद यह दूरी सिमटकर महज 2 घंटे 55 मिनट रह जाएगी. इस कॉरिडोर पर ट्रेनें 300 किलोमीटर प्रति घंटे से भी अधिक की रफ्तार से दौड़ेंगी, जिससे यात्रियों के समय की बचत होगी.


