मुंबई: चेंबूर में पेड़ कटाई मामले में एफआईआर दर्ज, पीजीडी ग्रुप समेत तीन डेवलपर्स पर कार्रवाई
Mumbai: FIR registered in Chembur tree felling case, action taken against three developers including PGD Group
मुंबई के चेंबूर इलाके में बिना अनुमति पेड़ों की कटाई के आरोप में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। चेंबूर पुलिस ने पीजीडी ग्रुप, शबरी ग्रुप और स्काईलाइन डेवलपर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इन कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने चेंबूर (पूर्व) के स्वास्तिक पार्क स्थित प्रवासी सोसाइटी के प्लॉट नंबर 10 और 11 पर आवश्यक अनुमति के बिना करीब 20 से 25 बड़े पेड़ों को काट दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि पेड़ों की कटाई किसके निर्देश पर की गई और इसके लिए किसी विभागीय अनुमति ली गई थी या नहीं।
मुंबई: मुंबई के चेंबूर इलाके में बिना अनुमति पेड़ों की कटाई के आरोप में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। चेंबूर पुलिस ने पीजीडी ग्रुप, शबरी ग्रुप और स्काईलाइन डेवलपर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इन कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने चेंबूर (पूर्व) के स्वास्तिक पार्क स्थित प्रवासी सोसाइटी के प्लॉट नंबर 10 और 11 पर आवश्यक अनुमति के बिना करीब 20 से 25 बड़े पेड़ों को काट दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि पेड़ों की कटाई किसके निर्देश पर की गई और इसके लिए किसी विभागीय अनुमति ली गई थी या नहीं।
बिना अनुमति पेड़ काटने का आरोप शिकायत के अनुसार, चेंबूर के स्वास्तिक पार्क क्षेत्र में स्थित प्रवासी सोसाइटी की जमीन पर बड़ी संख्या में पेड़ मौजूद थे। आरोप है कि इन पेड़ों को हटाने के लिए संबंधित विभागों से जरूरी अनुमति नहीं ली गई। स्थानीय लोगों और सोसाइटी से जुड़े सदस्यों ने पेड़ों की कटाई पर आपत्ति जताई और इसकी शिकायत पुलिस से की। शिकायत के आधार पर चेंबूर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
पर्यावरण नियमों के उल्लंघन का मामला
मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर में पेड़ों की कटाई को लेकर पर्यावरणीय चिंताएं लगातार सामने आती रही हैं। शहर में पेड़ों को काटने या हटाने के लिए आमतौर पर स्थानीय प्रशासन और संबंधित प्राधिकरणों से अनुमति लेना जरूरी होता है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि कथित रूप से काटे गए पेड़ों के लिए किसी तरह की अनुमति जारी की गई थी या नहीं। यदि अनुमति नहीं मिली थी, तो संबंधित लोगों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
डेवलपर्स की भूमिका की जांच
एफआईआर में पीजीडी ग्रुप, शबरी ग्रुप और स्काईलाइन डेवलपर्स के नाम शामिल किए गए हैं। पुलिस इन कंपनियों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि जमीन पर किसी निर्माण या विकास कार्य की योजना थी या नहीं और पेड़ों को हटाने की आवश्यकता क्यों पड़ी। इसके अलावा, यह भी पता लगाया जाएगा कि इस प्रक्रिया में किन लोगों की भागीदारी थी। स्थानीय लोगों में नाराजगी पेड़ों की कटाई की घटना सामने आने के बाद स्थानीय निवासियों में नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि पेड़ शहर के पर्यावरण संतुलन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और बिना अनुमति इस तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
निवासियों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पुलिस ने शुरू की जांच चेंबूर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले से जुड़े दस्तावेजों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस संबंधित विभागों से भी जानकारी जुटा सकती है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पेड़ों की कटाई के लिए कोई आधिकारिक मंजूरी दी गई थी या नहीं। मुंबई में हरियाली बचाने की चुनौती मुंबई में बढ़ते निर्माण कार्यों और विकास परियोजनाओं के बीच हरियाली बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। शहर में पेड़ों की संख्या और पर्यावरण संरक्षण को लेकर नागरिक समूह लगातार आवाज उठाते रहे हैं। चेंबूर जैसे इलाकों में जहां तेजी से शहरी विकास हो रहा है, वहां पेड़ों की सुरक्षा को लेकर स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ती रही हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन और पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। फिलहाल, चेंबूर पुलिस की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।


