₹25 लाख की रंगदारी मामला: बांद्रा से कुख्यात गैंगस्टर जुल्फिकार बेहलीम, उसके भाई मोहसीन समेत 12 आदतन अपराधी गिरफ्तार
₹25 lakh extortion case: Notorious gangster Zulfiqar Behlim, his brother Mohsin and 12 other habitual offenders arrested from Bandra
मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट-9 ने बांद्रा से ₹25 लाख की रंगदारी वसूलने वाले मकोका आरोपी गैंगस्टर जुल्फिकार बेहलीम और उसके भाई मोहसीन समेत 12 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। कोर्ट ने सभी आरोपियों को 31 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
मुंबई (29 जुलाई 2026): मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच (यूनिट 9) ने हथियार दिखाकर मुंबई के एक ठेकेदार से ₹25 लाख की रंगदारी वसूलने और जान से मारने की धमकी देने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने जाल बिछाकर बांद्रा इलाके से गिरोह के सरगना व कुख्यात गैंगस्टर जुल्फिकार बेहलीम, उसके भाई मोहसीन बेहलीम और 10 अन्य साथियों समेत कुल 12 आदतन अपराधियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
मामले का विवरण
पिछले कुछ दिनों से मुंबई के एक निर्माण व्यवसायी (कंस्ट्रक्शन बिल्डर) से आरोपी जुल्फिकार बेहलीम और उसका भाई मोहसीन अपने गुर्गों के जरिए कॉन्ट्रैक्ट का काम शुरू करने के एवज में ₹25 लाख की रंगदारी मांग रहे थे। पैसे न देने पर आरोपियों ने हथियार का डर दिखाकर उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी।
मामले की पुष्टि होने के बाद, क्राइम ब्रांच यूनिट-9 की टीम ने 27 जुलाई 2026 को बांद्रा इलाके में जाल बिछाया। जब आरोपी रंगदारी की रकम वसूलने आए, तो पुलिस ने मौके से गिरोह के सरगना जुल्फिकार बेहलीम, उसके भाई और 10 अन्य गुर्गों को धर दबोचा।
कानूनी कार्रवाई और पुलिस कस्टडी
बांद्रा पुलिस स्टेशन में इस संबंध में मामला दर्ज किया गया था (गु.प्र.शा., गुन्हा नोंद क्र. 92/2026 / बांद्रा पो.ठा. गु.र.क्र. 1559/2026), जिसमें बीएनएस (BNS) की धारा 308(5), 351(3), 61(2), 3(5) तथा शस्त्र अधिनियम की धारा 3, 25 के तहत अपराध दर्ज है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच क्राइम ब्रांच यूनिट-9 को सौंप दी गई है।
सभी 12 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से अदालत ने उन्हें 31 जुलाई 2026 तक पुलिस कस्टडी (रिमांड) में भेजने का आदेश दिया है।
गैंग का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी शातिर और आदतन अपराधी हैं। गिरोह का सरगना जुल्फिकार बेहलीम पूर्व में मकोका (MCOCA) कानून के तहत गिरफ्तार हो चुका है और फिलहाल जमानत पर बाहर था। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह मुंबई और आसपास के कई कारोबारियों को डरा-धमकाकर रंगदारी वसूलता था।
पुलिस की अपील: क्राइम ब्रांच यूनिट-9 ने नागरिकों से अपील की है कि यदि इस गिरोह ने किसी अन्य व्यक्ति से भी रंगदारी मांगी है या वसूली की है, तो वे तुरंत क्राइम ब्रांच यूनिट-9 या मुंबई पुलिस से संपर्क करें।
पुलिस टीम
यह कार्रवाई मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, सह पुलिस आयुक्त (अपराध) अनिल कुंभारे, अपर पुलिस आयुक्त कृष्णकांत उपाध्याय, पुलिस उपायुक्त नवनाथ ढवले और सहायक पुलिस आयुक्त विनायक चव्हाण के मार्गदर्शन में यूनिट-9 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक सचिन पुराणिक, सपोनि महेंद्र पाटिल, जयदीप जाधव, मोहन जगदाले, विजय धोत्रे, श्रीराम घोडके, पोउपनि कल्याण पाटिल, ऋषिकेश बाबर, सुजित म्हैसधुने तथा उनकी टीम द्वारा की गई।


