मुंबई: कोस्टल रोड नॉर्थ प्रोजेक्ट में 45,000 से अधिक मैंग्रोव प्रभावित, 26.3 किमी लंबा मेगा कॉरिडोर बनेगा
Mumbai: Over 45,000 mangroves affected in Coastal Road North project, 26.3 km long mega corridor to be built
मुंबई के कोस्टल रोड नॉर्थ प्रोजेक्ट में 45,000 से अधिक मैंग्रोव प्रभावित होंगे, जिनमें से 9,000 स्थायी रूप से हटाए जाएंगे। 26.3 किमी लंबे इस ₹22,000 करोड़ प्रोजेक्ट को छह पैकेज में बांटा गया है और इसमें 10 इंटरचेंज बनाए जाएंगे। सरकार का दावा है कि बाकी मैंग्रोव का पुनर्विकास किया जाएगा, जबकि पर्यावरण विशेषज्ञ चिंता जता रहे हैं।
मुंबई के महत्वाकांक्षी Coastal Road North Project को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। इस प्रोजेक्ट के तहत 103.65 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले 45,000 से अधिक मैंग्रोव प्रभावित होने की संभावना जताई गई है। इनमें से लगभग 9,000 मैंग्रोव स्थायी रूप से हटाए जाएंगे, जबकि बाकी को भविष्य में पुनः रोपण (replantation) और पुनर्जीवन (rejuvenation) के माध्यम से बहाल करने की योजना है।
प्रोजेक्ट की कुल लंबाई लगभग 26.3 किलोमीटर होगी और इसकी अनुमानित लागत करीब ₹22,000 करोड़ बताई जा रही है। यह परियोजना मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में ट्रैफिक कम करने के लिए एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क के रूप में विकसित की जा रही है।
प्रोजेक्ट की संरचना (Six Packages में विभाजन)
कोस्टल रोड नॉर्थ को छह पैकेज में बांटा गया है:
Package A: 4.5 किमी – Versova से Bangur Nagar (Goregaon)
Package B: 1.66 किमी – Bangur Nagar से Mindspace (Malad)
Package C & D: 3.9–3.9 किमी की ट्विन टनल – Mindspace (Malad) से Charkop (Kandivali)
Package E: 3.78 किमी – Charkop से Gorai
Package F: 3.69 किमी – Gorai से Dahisar
Dahisar से Bhayandar तक लगभग 5.6 किमी elevated corridor भी प्रस्तावित है
इंटरचेंज और कनेक्टिविटी
इस प्रोजेक्ट में कुल 10 प्रमुख इंटरचेंज/एंट्री पॉइंट्स बनाए जाने की योजना है, जो वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (WEH), लिंक रोड और अन्य प्रमुख सड़कों को जोड़ेंगे। इसमें Andheri, Goregaon, Malad, Kandivali, Dahisar और Bhayandar जैसे महत्वपूर्ण इलाके शामिल हैं।
मैंग्रोव और पर्यावरणीय असर
कुल 45,000+ मैंग्रोव प्रभावित होंगे
लगभग 9,000 स्थायी रूप से हटाए जाएंगे
बाकी का पुनर्विकास और रोपण प्रस्तावित
कम्पेन्सेटरी प्लांटेशन के लिए Chandrapur और Palghar में भूमि चिन्हित की गई है
BMC और Forest Department GPS आधारित चरणबद्ध कटाई और demarcation कर रहे हैं
हालांकि, पर्यावरण विशेषज्ञ और स्थानीय निवासी मैंग्रोव हटाने को लेकर चिंता जता रहे हैं, क्योंकि यह मुंबई की प्राकृतिक बाढ़ सुरक्षा प्रणाली का अहम हिस्सा माने जाते हैं।


