'ऑपरेशन टाइगर': दिल्ली में शिंदे से मिले उद्धव गुट के 6 सांसद! फूट के डर से अरविंद सावंत ने लोकसभा स्पीकर को लिखा पत्र
"Operation Tiger": Six MPs from the Uddhav Thackeray faction met with Shinde in Delhi! Fearing a split, Arvind Sawant wrote to the Lok Sabha Speaker.
महाराष्ट्र की सियासत में 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर मची हलचल अब अपने चरम पर पहुंच गई है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के 9 में से 6 लोकसभा सांसदों ने दिल्ली में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) से देर रात मुलाकात की है। इस खबर ने उद्धव ठाकरे की पार्टी में एक और बड़ी बगावत की सुगबुगहाट को तेज कर दिया है। इन अटकलों के बीच, शिवसेना (UBT) के संसदीय दल के नेता अरविंद सावंत ने आनन-फानन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र लिखा है, ताकि किसी भी संभावित विभाजन को तुरंत रोका जा सके।
नई दिल्ली/मुंबई: महाराष्ट्र की सियासत में 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर मची हलचल अब अपने चरम पर पहुंच गई है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के 9 में से 6 लोकसभा सांसदों ने दिल्ली में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) से देर रात मुलाकात की है। इस खबर ने उद्धव ठाकरे की पार्टी में एक और बड़ी बगावत की सुगबुगहाट को तेज कर दिया है। इन अटकलों के बीच, शिवसेना (UBT) के संसदीय दल के नेता अरविंद सावंत ने आनन-फानन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र लिखा है, ताकि किसी भी संभावित विभाजन को तुरंत रोका जा सके।
दिल्ली में शिंदे और बागी सांसदों की अहम बैठक
सूत्रों के मुताबिक, शिवसेना (UBT) के छह सांसद बुधवार सुबह दिल्ली पहुंचे। इसी दौरान सीएम एकनाथ शिंदे भी राष्ट्रीय राजधानी में मौजूद थे। बताया जा रहा है कि जयपुर रवाना होने से पहले शिंदे ने अपने बेटे डॉ. श्रीकांत शिंदे के दिल्ली आवास पर इन संभावित बागी सांसदों के साथ एक अहम बैठक की। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि ये 6 सांसद जल्द ही लोकसभा स्पीकर को पत्र सौंपकर खुद को एक स्वतंत्र गुट के रूप में मान्यता देने की मांग कर सकते हैं, जिसके बाद वे आधिकारिक तौर पर शिंदे नीत शिवसेना में शामिल हो जाएंगे।
अरविंद सावंत ने स्पीकर को लिखा पत्र
अपनी पार्टी में एक और टूट की आशंका को भांपते हुए, उद्धव गुट के वरिष्ठ नेता अरविंद सावंत (Arvind Sawant) ने तुरंत रक्षात्मक रुख अपनाया। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि अगर शिवसेना (UBT) के कुछ सांसद अलग समूह के रूप में मान्यता या किसी अन्य पार्टी में विलय की मांग करते हैं, तो उस पर विचार न किया जाए।
सावंत ने अपने पत्र में दलील दी है कि "असली शिवसेना" कौन है, यह मामला अभी भी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन (sub judice) है। उन्होंने कहा कि संसदीय नियमों (जैसे Direction 121) के तहत पार्टी के अधिकृत नेतृत्व को ही मान्यता दी जाती है, न कि पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बगावत करने वाले किसी गुट को। सावंत ने चेतावनी दी कि पार्टी दल-बदल विरोधी कानून (संविधान की 10वीं अनुसूची) के तहत इन सांसदों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखती है।
संजय राउत का बड़ा आरोप: 'हर सांसद को 50 करोड़ का ऑफर'
इस बीच, शिवसेना (UBT) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने शिंदे गुट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राउत ने दावा किया कि उनके सांसदों को तोड़ने के लिए 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत 50-50 करोड़ रुपये का ऑफर दिया जा रहा है, जिसमें से 15 करोड़ रुपये एडवांस के तौर पर दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बागी सांसदों को चार्टर्ड फ्लाइट्स के जरिए दिल्ली ले जाया गया है। हालांकि, राउत ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर किसी को जाना है तो वह पहले संसद से इस्तीफा दे और फिर से जनता के बीच जाकर चुनाव लड़े।
फिलहाल सभी की निगाहें लोकसभा स्पीकर के कदम और दिल्ली पहुंचे इन 6 सांसदों के अगले फैसले पर टिकी हैं। अगर यह विभाजन सफल होता है, तो उद्धव ठाकरे के लिए यह एक और विनाशकारी राजनीतिक झटका होगा।


